बालाघाट। अटलजी के जन्मशताब्दी वर्ष पर 25 दिसंबर की देररात 10 बजे से दो बजे तक नगरपालिका प्रांगण में कवि सम्मेलन में कवियों ने काव्यपाठ कर शमा बांध दिया। कार्यक्रम की शुरूआत से लेकर अंत तक श्रोता, अपनी कुर्सियों पर बैठकर, कवियो के वीर, श्रृंगार, गीत, हास्य और पैरोडी का आनंद उठाते, वाहवाही करते रहे। दरअसल, जिले में 25 दिसंबर की रात नगरपालिका और सहमत संस्था के संयुक्त तत्वाधान में भारतरत्न, पूर्व प्रधानमंत्री और कविह्रदय पं. अटल बिहारी बाजपेयी के जन्म शताब्दी वर्ष पर कवि समेलन का आयोजन किया गया था। कवि और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी के जन्मदिन पर लगातार 12 वर्षो से बालाघाट में कवि सम्मेलन का आयोजन होता आ रहा है, इसी कड़ी में आयोजित कवि सम्मेलन मुंबई के कवि गीतकार चंदन राय के गीत ने लोगों को प्रेम में डूबो दिया तो भोपाल की श्रृंगार कवियित्री शिवांगी प्रेरणा ने नारी से अपने स्वाभिमान को जिंदा रखने को कविता के रूप में पेश किया। बिहार के चंपारण से आए वीररस के कवि अपूर्व विक्रम शाह ने देश में हर घर तिरंगे को अभियान नहीं आदेश होने की बात, अपनी वीररस की कविता के माध्यम से कही। छत्तीसगढ़ चिरमिरी से हास्य व्यंग्य कवि नरेन्द मिश्र धड़कन ने उम्र की ढलान पर भी लोगों को अपने हास्य से गुदगुदाने पर मजबूर कर दिया। यूपी के बाराबंकी से हास्य एवं पैरोड़ी कवि पंकज प्रमोद ने भी अपने काव्यपाठ से शमा बांध दिया। काव्य के इस मंच से जिले के कवियों में शुमार, कवियित्री अलका चौधरी दुपट्टा हो यदि सिर पर शरारत हो नहीं सकती के साथ श्रृंगार की कविता पेश की तो नपाध्यक्ष भारती ठाकुर ने पहली बार मंच से सनातन के अपने प्रेम को काव्य के रूप में प्रस्तुत किया। अशोक सागर मिश्र ने अपने चिरपरिचित अंदाज में अपनी काव्य रचना सुनाई तो नए उदितमान कवियों माही शुक्ला और कुशल जैन को भी अपना काव्यपाठ करने का अवसर मिला। पूरे कवि सम्मेलन का संचालन, एक कुशल संचालक के रूप में कवि राजेन्द्र शुक्ल ने बड़े ही शानदार तरीके से किया। कवि सम्मेलन कार्यक्रम में बतौर अतिथि सांसद भारती पारधी, पूर्व मंत्री गौरीशंकर बिसेन, नपाध्यक्ष भारती ठाकुर, पूर्व नपाध्यक्ष रमेश रंगलानी, संघ संचालक वैभव कश्यप, भाजपा नेता अभय सेठिया, महेन्द्र सुराना, राजेश पाठक सहित बड़ी संख्या में श्रोता मौजूद थे।


