3 जुलाई से शुरू हो रही अमरनाथ यात्रा के लिए सभी इंतजाम लगभग पूरे हो गए है। जिन श्रद्धालुओं ने अभी तक ऑनलाइन पंजीकरण नहीं कराया है, उनके लिए जम्मू में ऑफलाइन पंजीकरण शुरू सोमवार से शुरू हो गए हैं। प्रशासन की ओर से स्पेशल रजिस्ट्रेशन सेंटर बनाए गए हैं। तीर्थयात्रियों का पहला जत्था 2 जुलाई को जम्मू के भगवतीनगर बेस कैंप से रवाना होगा। 38 दिन तक चलने वाली यात्रा दोनों रूटों पर शुरू होगी। अनंतनाग जिले में पारंपरिक पहलगाम रूट 48 किमी लंबा है जबकि गांदरबल जिले में बालटाल रूट की लंबाई 14 किमी है। श्रद्धालु बोले- आतंकियों का डर नहीं यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह नजर आ रहा है। रजिस्ट्रेशन कराने आए एक श्रद्धालु ने कहा, ‘इस बार लोग उत्साहित हैं। पहलगाम हमले के बाद भी अब कोई डर नहीं है। व्यवस्थाएं अच्छी हैं और प्रशासन हमारे साथ है।’ एक अन्य श्रद्धालु ने कहा, ‘मुझे बाबा अमरनाथ पर भरोसा है। आतंकवादी जो चाहें करें, हम पर इसका कोई असर नहीं होगा। मैं सभी से अनुरोध करता हूं कि वे जम्मू-कश्मीर आएं ताकि हमारी सेना और सरकार यह कह सके कि हम पर आतंकियों की हरकतों का कोई असर नहीं हैं।’ जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम यात्रा शुरू होने से पहले पूरे केंद्र शासित प्रदेश में सुरक्षा के कड़े इंतजाम है। इसके चलते केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) ने जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे (NH-44) मल्टी स्टेज सिक्योरिटी तैनात की है। यह हाईवे यात्रा के अहम रास्तों में से एक है। हाईवे पर CRPF का K-9 दस्ता (डॉग स्क्वॉड) भी तैनात किया गया है। लैंडस्लाइड की प्री प्लानिंग के लिए सेना, CRPF, जम्मू-कश्मीर पुलिस और जम्मू-कश्मीर स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स ने रविवार को हाईवे पर समरोली, तोल्डी नाला में जॉइंट मॉक ड्रिल की। संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले इलाकों में तकनीकी इनपुट और चेहरा पहचानने के सिस्टम (FRS) के जरिए वैरिफिकेशन किया जाएगा।


