सड़क पर चले लाठी-डंडे, गाड़ियों में तोड़फोड़:इंदौर में नगर निगम कर्मचारी और बजरंग दल कार्यकर्ता भिड़े; 3 आरोपियों पर केस दर्ज

इंदौर में बुधवार सुबह नगर निगम कर्मचारियों और बजरंग दल कार्यकर्ताओं के बीच मारपीट जमकर मारपीट हुई। अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान दोनों तरफ से लाठी-डंडे चले थे। बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने निगम के वाहनों में तोड़फोड़ भी की। इस पूरे बवाल के दौरान कुछ लोग घायल हुए हैं। इस मामले में अन्नपूर्णा थाने में शाम को बजरंग दल के कार्यकर्ता विजय कालखोर, संजय महाजन और तेज सिंह राठौर के खिलाफ नामजद समेत अन्य पर FIR दर्ज की गई है। इधर, सुबह हुई मारपीट की घटना के बाद शाम को बड़ी संख्या में नगर निगम के कर्मचारी राजेंद्र नगर थाने में एकत्रित हुए थे। उन्होंने पुलिस से कहा कि जहां विवाद हुआ वहां कार्रवाई में सहयोग कीजिए। हमारे साथ चलिए। लेकिन, देर रात तक तुरंत कार्रवाई करने को लेकर अफसरों में सहमति नहीं बन पाई। नगर निगम की डिप्टी कमिश्नर लता अग्रवाल ने कहा- सुबह करीब साढ़े 6 बजे सत्यदेव नगर और दत्त नगर में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई थी। निगमकर्मी गौवंश को गाड़ियों में ले जा रहे थे। इसी बीच कुछ लोग वहां पहुंच गए। उन्होंने कार्रवाई का विरोध किया। निगमकर्मियों ने समझाया तो मारपीट करने लगे। डिप्टी कमिश्नर ने बताया- 3 लोगों को चोटें आई हैं। 4-5 गाड़ियों में तोड़फोड़ की गई है। जिन गौशालाओं पर कार्रवाई की गई है, उन्हें पहले भी नोटिस जारी किए जा चुके थे। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा- स्वच्छता के संबंध में किसी भी प्रकार का कोई भी समझौता नहीं किया जाएगा। निगम कर्मियों पर हमला अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और अनुचित है। पूरे घटना क्रम की जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। नगर निगम इस घटना को अत्यंत गंभीरता से ले रहा है। निगमकर्मियों पर पशुओं से क्रूरता का आरोप लगाया
विश्व हिंदू परिषद के जिला मंत्री पप्पू गोचले ने कहा- निगम कर्मचारी गौवंश के साथ क्रूरता करते हैं। रस्सी से खींचकर, पूंछ मोड़कर उन्हें गाड़ियों में भरते हैं। आज भी ऐसा ही किया जा रहा था। एक गाड़ी में 7 पशुओं को लेकर जाने की अनुमति होती है लेकिन वे 15-20 पशुओं को ले जा रहे थे। हमने वहां जाकर विरोध किया तो निगमकर्मियों ने बदतमीजी की इसलिए बजरंग दल ने उनको उनकी भाषा में ही जवाब दिया। हमलावरों पर हो सख्त कार्रवाई नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष चिंटू चौकसे ने निगम की टीम पर हमला करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई किए जाने की मांग की है। कहा कि हमले के बाद भी मामले में आपराधिक प्रकरण दर्ज नहीं हो सका। घटना होने के बाद महापौर की तत्काल प्रतिक्रिया आना चाहिए थी और उन्हें खुद मौके पर पहुंचकर निगम की टीम का हौसला बढ़ाना चाहिए था। कमिश्रर ने हॉस्पिटल पहुंचकर निगमकर्मियों का हाल जाना
नगर निगम कमिश्नर शिवम वर्मा शेल्बी हॉस्पिटल पहुंचे और यहां भर्ती निगमकर्मियों से बातचीत कर उनका हाल जाना। हरसंभव मदद का भरोसा दिया। डॉक्टरों से कहा कि कर्मचारियों के इलाज में कोई भी कमी न आए। वहां मौजूद निगम कर्मचारियों ने नारेबाजी करते हुए कमिश्नर वर्मा को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने चेतावनी दी कि बजरंग दल के कार्यकर्ताओं पर शासकीय कार्य में बाधा डालने और मारपीट की धाराओं में केस दर्ज किया जाए वरना कर्मचारी संगठन कल हड़ताल पर रहेगा। पुलिस के साथ 3 गाड़ियों में गौशाला भेजे गए 13 गौवंश एमजी रोड थाना टीआई विजय सिंह सिसोदिया ने बताया कि फिलहाल 3 गाड़ियों में कुल 13 गौवंश को हातोद गौशाला भेजा गया है। इसके लिए निगमकर्मियों ने पुलिस संरक्षण मांगा था। हमने 10 लोगों का स्टाफ साथ भेजा है। निगम कर्मियों पर हमले के बाद घटना की पूरी टाइम लाइन सुबह 9 बजे: सुबह 9.30 बजे: दोपहर 12 बजे: दोपहर 3 बजे: रात 8 बजे: रात 8.30 बजे: रात 9 बजे: 9 तस्वीरों में देखिए पूरी घटना… महापौर ने दिए दोषियों पर कार्रवाई के निर्देश
घटना पर महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा, ‘नगर निगम का अमला शहर के विकास और जनसुविधाओं के लिए दृढ़ संकल्पित होकर अपनी जिम्मेदारी निभाता है। निगमकर्मियों पर किया गया हमला अनुचित है। मैंने मामले की जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।’ सीएम बताएं घोषणाएं फर्जी या ये कार्रवाई गलत
कांग्रेस के प्रवक्ता अमित चौरसिया ने कहा, ‘महापौर पुष्पमित्र भार्गव घटना पर एफआईआर करवाने की बात कह रहे हैं, जबकि उन्हें शहर के पशुपालकों को स्पष्ट करना चाहिए कि उनकी सरकार की मंशा और नीति क्या है?’ कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व महासचिव राजेश चौकसे व गिरधर नागर ने कहा, ‘गोवर्धन पूजन के दिन सीएम ने गो पालन और संवर्धन की बड़ी-बड़ी घोषणाएं कीं। जमीनी हकीकत अलग है।’ उन्होंने कहा, ‘आज जिस तरह नगर निगम के अमले के साथ मारपीट हुई, उससे निगम के कर्मचारियों का मनोबल टूटा है। इसके दोषी निगम अधिकारी और महापौर हैं। पशुपालक भी सीएम की घोषणाओं के बाद से असमंजस में हैं। इंदौर नगर निगम कमिश्नर कह रहे हैं कि कार्रवाई मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप की गई है। क्या शहरी सीमा में गोवंश संरक्षण के तहत 5 से 10 गाय पालने की घोषणा हवा-हवाई थी? सीएम बताएं कि उनकी घोषणाएं फर्जी थीं या इंदौर निगम की कार्रवाई गलत है?’ ये खबर भी पढ़ें… ईरानी महिलाओं से मारपीट, बाल काटे नर्मदापुरम के इटारसी शहर में ईरानी डेरे पर बुधवार तड़के 3 बजे कुछ लोगों ने हमला कर दिया। हमलावर हथियार लेकर पहुंचे। हमले में एक की मौत हो गई। पांच लोग गंभीर घायल हुए हैं। हमलावरों ने महिलाओं से मारपीट करते हुए उनके बाल काट दिए। हमला होशंगाबाद और पिपरिया के ईरानी डेरे के 10-15 लोगों ने किया है। इटारसी और होशंगाबाद-पिपरिया ​डेरे​​​​​​ में पहले से रंजिश चली आ रही है। पढ़ें पूरी खबर…

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