रांची| अपने शहर में भी ऐसे कई डॉक्टर हैं, जो अपने कर्म, संवेदनशीलता और समर्पण से यह साबित कर चुके हैं कि डॉक्टर सचमुच “धरती के भगवान’ होते हैं। डॉक्टर्स डे पर पेश है ऐसे 4 डॉक्टरों की खास कहानी, जिनकी सेवा भावना ने मरीजों में भरोसे की नई लकीर खींच दी है। डॉ. गुंजेश सिंह : मरजों के पास नहीं होते हैं पैसे तो अपनी जेब से करते हैं मदद कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. गुंजेश कुमार सिंह सिर्फ इलाज नहीं करते, जरूरतमंद मरीजों की मदद भी करते हैं। प्राइवेट अस्पताल के साथ सदर अस्पताल में अपनी सेवाएं देते हैं। हाल ही में एक गरीब मरीज के पास इलाज के बाद घर लौटने के पैसे तक नहीं थे। डॉ. गुंजेश ने एंबुलेंस की व्यवस्था की, आर्थिक मदद भी दी। डॉ. अजीत कुमार : रात 12 बजे भी जरूरत हो तो इलाज करने पहुंच जाते हैं अस्पताल रांची सदर अस्पताल में कार्यरत डॉ. अजीत कुमार लेप्रोस्कोपिक सर्जन हैं। रात के 12 बजे ही क्यों न हो, यदि किसी मरीज को तकलीफ है, तो डॉ. अजीत कुमार बिना देर किए अस्पताल पहुंच जाते हैं। उन्होंने ये भरोसा भी लोगों के मन में जगाया है कि सरकारी अस्पतालों में भी उच्चस्तरीय इलाज संभव है। डॉ. संजय सिंह : दुघर्टना में पैर टूटा तो प्लास्टर में भी मरीज देखने पहुंच गए रिम्स रिम्स रांची के फिजिशियन डॉ. संजय कुमार सिंह सिर्फ डॉक्टर नहीं, हजारों मरीजों की उम्मीद और भरोसे का नाम हैं। सड़क दुर्घटना में पैर टूटा, इसके बाद प्लास्टर चढ़ाना पड़ा। ऐसी हालत मेंं भी मरीज देखने रिम्स पहुंच गए। कहा कि जारी रखा। उन्होंने कहा कि मरीजों को मेरी जरूरत पहले है, उनका भरोसा टूटना नहीं चाहिए। डॉ. एसपी मुखर्जी : 5 रुपए में करते हैं इलाज, कहते हैं- चिकित्सा एक सेवा है झारखंड की राजधानी रांची के डॉ. एसपी मुखर्जी उन दुर्लभ डॉक्टरों में से हैं, जिन्होंने चिकित्सा को पेशा नहीं, बल्कि सेवा का माध्यम बनाया। फिजीशियन डॉ. मुखर्जी ने अपनी पूरी जिंदगी जरूरतमंदों की सेवा में समर्पित कर दी। वो वर्षों से केवल 5 रुपए में मरीजों का इलाज कर रहे हैं… जो आज भी जारी है।


