एचईसी पर 2000 करोड़ की देनदारी, आस बैठक से

एचईसी के रिवाइवल पर मंगलवार को दिल्ली में केंद्रीय संसदीय समिति की बैठक है। इस बैठक के नतीजों का इंतजार एचईसी के कामगार और अफसर कर रहे हैं। उन्हें उम्मीद है कि इस बार एचईसी के लिए कुछ खास होगा। एचईसी फिर से पुरानी रंगत पर वापस लौटैगा। इस बैठक में शामिल होने के लिए एचईसी के डायरेक्टर्स और सभी मजदूर यूनियन के प्रतिनिधि दिल्ली गए हुए हैं। बैठक से पूर्व सभी एचईसी के सीएमडी के साथ भी बैठक करेंगे। सभी यूनियन इस बात को लेकर आश्वस्त है कि वे एचईसी, जो राज्य का ही नहीं देश का धरोहर है उसे हर हाल में अच्छे और बेहतर चलाने के लिए अपना कमिटमेंट देंगे। हटिया प्रोजेक्ट वर्कर्स यूनियन के महामंत्री लीलाधर सिंह ने बताया कि इस समय एचईसी की देनदारी 2000 करोड़ रुपए के ऊपर है। इसमें पीएफ, इलेक्ट्रीसिटी, इंश्योरेंस, ईएसआई, रॉ मटेरियल आदि के हैं। बैंक लोन 288 करोड़ रुपए है। इसमें 3 करोड़ रुपए इंटरेस्ट देना पड़ रहा है। पिछले साल उत्पादन 266 करोड़ का हुआ था। इस बार उससे ज्यादा उत्पादन करने की संभावना है। हटिया मजदूर यूनियन सीटी की आम सभा 3 को : हटिया मजदूर यूनियन सीटू के अध्यक्ष सह झारखंड सीटू राज्य के कार्यकारी अध्यक्ष भवन सिंह ने प्रेस बयान जारी कर कहा है कि 3 जुलाई को एचईसी मुख्यालय के समक्ष 5 बजे संध्या से आमसभा होगी, जिसमें दिल्ली संसदीय समिति के समक्ष वार्ता में जो बातें हुई, उसकी जानकारी दी जाएगी। इतना ही नहीं स्थायी मजदूरों के प्रमोशन और प्रोबेशन आदेश निकालने आदि सवालों पर की गई कार्रवाई और प्रगति रिपोर्ट पर विस्तार से जानकारी दी जाएगी। भेल से ऑर्डर मिलने की संभावना: लीलाधर सिंह ने कहा कि एचईसी को भेल से क्रेन समेत कई ऑर्डर मिलने की संभावना है। सबसे ज्यादा कोल माइंस व स्टील, एटोमिक, रेलवे, इसरो, डिफेंस से भी कार्यादेश मिलने की संभावना है।

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