लंबे इंतजार के बाद राजधानी वासियों को गुरुवार को रातू रोड एलिवेटेड कॉरिडोर की सौगात मिलने जा रही है। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी इसका उद्घाटन करेंगे। उद्घाटन को लेकर पंडरा स्थित ओटीसी ग्राउंड में सारी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। अब रांची के लोगों को इंतजार है, तो बस इस एलिवेटेड कॉरिडोर से होते हुए रातू रोड को पार करने का। उस जाम से मुक्ति पाने का, जिसके कारण नागाबाबा खटाल से पिस्का मोड़ तक करीब 2.5 किमी का सफर पूरा करने में आधा से 1 घंटे का समय लगता था, जो अब एलिवेटेड कॉरिडोर के जरिए महज 5-7 मिनट में पूरा हो जाएगा। इस एलिवेटेड कॉरिडोर में कई खूबियां हैं। दैनिक भास्कर के रिपोर्टर ने प्रोजेक्ट डायरेक्टर एकता कुमारी के साथ इस एलिवेटेड कॉरिडोर का एक छोर से दूसरे छोर तक जायजा लिया। एकता कुमारी ने खुद कॉरिडोर के एक-एक खूबियों की बारीकी से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि रातू रोड एलिवेटेड कॉरिडोर एनएचएआई का पहला ऐसा प्रोजेक्ट है जिसमें बुलेटप्रूफ बैरियर का इस्तेमाल हुआ है। दरअसल, नागा बाबा खटाल से लेकर किशोरी सिंह यादव चौक पुराने बस स्टैंड के समीप तक राजभवन का एरिया आता है। राजभवन की सुरक्षा को देखते हुए वहां बुलेटप्रूफ बैरियर, साउंडलेस बैरियर और व्यू कटर लगाया गया है। बुलेट प्रूफ बैरियर राजभवन की सुरक्षा करेगा, तो साऊंडलेस बैरियर फ्लाईओवर के आसपास रहनेवाले लोगों को गाड़ी के शोर-शराबे से बचाएगा। इससे न केवल घर, ऑफिस और दुकानों के लोग परेशानियों से बचेंगे बल्कि फ्लाईओवर के आसपास स्थित क्लीनिक, हॉस्पिटल और स्कूल भी वाहनों के शोर-शराबे से डिस्टर्ब होने से बचेंगे। रातू रोड एलिवेटेड कॉरिडोर से लाइव रिपोर्ट… प्रोजेक्ट डायरेक्टर एकता कुमारी के साथ एक छोर से दूसरे छोर तक पहुंचा भास्कर रिपोर्टर पूरा कॉरिडोर… डर स्टील कंपोजिट से बना पूरे कॉरिडोर में गडर स्टील कंपोजिट का इस्तेमाल हुआ है, जो पूरी तरह से सेल में निर्मित लोहे से बना है। यह इसकी मजबूती को और अधिक बढ़ाती है। इसे उठाकर लगाने में आसानी हुई। करीब 180 से 200 टन के वजन को क्रेन से उठाकर आसानी से पिलर पर रखा गया। पूरा कॉरिडोर मजबूत पाइलिंग पर खड़ा है। सुरक्षा के लिहाज से ये काफी मजबूत है। एनएचएआई अपने अधिकांश फ्लाईओवर कॉरिडोर में इसी तकनीक का इस्तेमाल करती है। राहत… 30 मिनट की दूरी तय होगी 5 मिनट में रातू रोड निवासियों के लिए यह कॉरिडोर लाइफलाइन जैसा है, जो लोगों को न केवल जाम से मुक्ति दिलाएगा बल्कि उनकी दिनचर्या को भी आसान बनाएगा। जाकिर हुसैन पार्क से लेकर पंडरा ओटीसी ग्राउंड तक एलिवेटेड कॉरिडोर की कुल लंबाई 4 किमी है, जबकि इटकी रोड में पिस्का मोड़ से इसकी लंबाई 600 मीटर है। पंडरा ओटीसी ग्राउंड से लेकर राजभवन जाकिर हुसैन पार्क तक का सफर अभी करीब 30 मिनट में पूरा होता है। इसके शुरू हो जाने के बाद केवल पांच से सात मिनट में यह दूरी कवर हो जाएगी। लोहरदगा, गुमला, डालटनगंज आदि क्षेत्र से आने वाले एंबुलेंस और वाहन अब जाम में नहीं फंसेगे। पिलरों में झारखंडी सोहराई पेटिंग का प्रस्ताव : रातू रोड एलिवेटेड कॉरिडोर के नीचे पिलरों में झारखंडी सोहराई पेटिंग का प्रस्ताव है, जिसे एनएचआई के पास मंजूरी के लिए भेजा गया है। इसकी मंजूरी मिलने के बाद सभी पिलरों पर सोहराई पेटिंग कराई जाएगी। कई खूबसूरत साइट भी… यहां ले सकते हैं सेल्फी का आनंद कॉरिडोर पर कई खूबसूरत साइट हैं, जो युवाओं को सेल्फी लेने के लिए आकर्षित करेंगे। जाकिर हुसैन पार्क से जैसे आप ऊपर चढ़ेंगे, चंद मीटर के बाद ही रघुवर सिटी सेंटर दिखेगा। यह साइट सेल्फी प्वांइट के लिए बेहतर है। मॉल ऑफ रांची के पास एक बढ़िया सेल्फी प्वाइंट है। रातू रोड दुर्गा मंदिर, सती मंदिर के पास रुक कर पहाड़ी मंदिर के पास सेल्फी या फोटो लिया जा सकता है। पिस्का मोड़ चौक के पास जहां पर कॉरिडोर दो हिस्सों में बंटता है, यहां पर भी बीचोबीच दिख रहा गुरुद्वारा एक अच्छा सेल्फी जोन है। खूबसूरती भी… फ्लाईओवर के नीचे मिनी गार्डेन फ्लाईओवर के नीचे बीचोंबीच खाली पड़े जगह पर मिनी गार्डेन बनाया गया है जिससे नीचे चलने वालों लोगों को एक स्वच्छ वातावरण में आने-जाने का अनुभव होगा। हर पिलर में दो-दो स्ट्रीट लाइट लगाए गए हैं, जो नीचे की सड़क को खूबसूरत बनाते हैं।


