जेपीएससी निर्धारित समय पर परीक्षाएं आयोजित करने में रहा विफल:एग्जाम लेने और रिजल्ट देने में फेल… 25 सालों में ले सका सिर्फ 8 परीक्षा

झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) निर्धारित समय पर नियुक्ति परीक्षाएं आयोजित करने में विफल रहा है। राज्य गठन के बाद 2002 में जेपीएससी का गठन हुआ था। प्रथम राज्य सिविल सेवा परीक्षा 2003 में आयोजित की गई थी। उसके बाद हर साल परीक्षाएं आयोजित की जानी थी, लेकिन नहीं की गई। अब तक 23 बार राज्य सिविल सेवा की परीक्षा हो जानी चाहिए थी, लेकिन अब तक आठ सिविल सेवा परीक्षा ही ली जा सकी है। इसमें दो बार संयुक्त रूप से परीक्षाएं आयोजित हुईं, जिसमें 7वीं से 10वीं सिविल सेवा परीक्षा एक साथ ली गई और 11वीं से 13वीं तक की परीक्षा भी एक साथ हुई। जेपीएससी के कैलेंडर के अनुसार, 11वीं से 13वीं सिविल सेवा परीक्षा का फाइनल रिजल्ट पिछले साल यानि वर्ष 2024 के अगस्त में घोषित हो जाना चाहिए था, लेकिन अभी तक रिजल्ट जारी नहीं किया गया है। इस परीक्षा में शामिल अभ्यर्थी रिजल्ट का इंतजार कर रहे हैं। राज्य में एक सिविल सेवा की परीक्षा आयोजित करने में आयोग को औसतन तीन साल का समय लग रहा है। जबकि प्रत्येक साल राज्य सिविल सेवा की परीक्षा आयोजित होनी चाहिए। रिजल्ट में विलंब के 3 कारण… 1. विवादों में परीक्षा : जेपीएससी द्वारा आयोजित नियुक्ति परीक्षाओं का विवादों से गहरा नाता रहा है। दर्जन भर नियुक्ति परीक्षाओं में गड़बड़ियों की जांच सीबीआई कर रही है। इसके अलावा हाईकोर्ट में नियुक्ति परीक्षाओं से संबंधित 42 मामले लंबित हैं। इससे परीक्षाओं का रिजल्ट बाधित होना स्वभाविक है। 2. कैलेंडर का पालन नहीं करना : जेपीएससी कैलेंडर के अनुसार परीक्षाएं और इंटरव्यू का आयोजन करे तो विलंब होने की संभावना नहीं के बराबर रहेगी। उदाहरण स्वरूप, आयोग ने पिछले साल झारखंड पात्रता परीक्षा आयोजित करने की घोषणा की थी, जो अब तक नहीं हो सकी है। 3. लंबे समय तक अध्यक्ष का पद रिक्त रहना : आयोग के अध्यक्ष का पद लंबे समय तक खाली रहने से भी नियुक्ति परीक्षाएं और रिजल्ट समय पर जारी नहीं होना स्वभाविक है। पिछले साल 22 अगस्त को जेपीएससी अध्यक्ष का पद खाली हो गया था। कामकाज पर असर पड़ा है। लंबित 3 नियुक्ति परीक्षाएं… 1. सीडीपीओ : 64 पदों पर नियुक्ति के लिए जून 2023 में आवेदन आमंत्रित किए गए थे। 10 जून 2024 को प्रारंभिक परीक्षा आयोजित हुई। जबकि दो से चार अगस्त 2024 तक मुख्य परीक्षा आयोजित की गई थी, जिसमें 1511 अभ्यर्थी शामिल हुए थे। लेकिन 11 माह बीत जाने के बाद भी रिजल्ट नहीं आया। 2. 11वीं से 13वीं सिविल सेवा : जनवरी 2024 में विज्ञापन जारी कर 342 पदों के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए थे। मुख्य परीक्षा 22 से 24 जून 2024 तक हुई, जिसमें 864 अभ्यर्थी इंटरव्यू के लिए चयनित हुए। अभी इस परीक्षा का भी फाइनल रिजल्ट घोषित नहीं किया गया है। 3. असिस्टेंट प्रोफेसर नियुक्ति : सात साल पहले वर्ष 2018 में 1118 असिस्टेंट प्रोफेसर (सहायक प्राध्यापक) के नियमित और बैकलॉग पदों पर भर्ती के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए थे। लेकिन अभी तक सभी विषयों में असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति नहीं हुई है। असर क्या… उम्र सीमा में छूट देने के लिए होता है आंदोलन जेपीएससी द्वारा सिविल सेवा मुख्य परीक्षा का परिणाम कई महीनों से लंबित है। इससे अगला भर्ती चक्र बाधित रह रहा है। समय पर परीक्षाएं नहीं हो रही हैं। लेकिन अभ्यर्थियों की उम्र लगातार बढ़ रही है। इसी कारण वैकेंसी आने के बाद अभ्यर्थी उम्र सीमा में छूट देने के लिए आंदोलन करते हैं।

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