रांची| सारंडा जंगल को प्रदूषण मुक्त करने और अवैध खनन पर रोक लगाने को लेकर झारखंड हाईकोर्ट में दायर जनहित याचिका को मंगलवार को निष्पादित कर दिया गया। मुख्य न्यायाधीश एमएस रामचंद्र राव और न्यायमूर्ति राजेश शंकर की खंडपीठ ने यह निर्णय तब लिया, जब राज्य सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि इस मामले की सुनवाई अब सुप्रीम कोर्ट में चल रही है और उसकी निगरानी में प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। राज्य सरकार के अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने सारंडा जंगल को “अभयारण्य’ घोषित करने का निर्देश दिया है और इसके लिए आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी कर ली गई हैं। सरकार की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया कि प्रस्ताव कैबिनेट के समक्ष लंबित है और जैसे ही स्वीकृति मिलती है, औपचारिक रूप से सारंडा को अभयारण्य घोषित कर दिया जाएगा। सरकार के अधिवक्ता ने दलील दी कि चूंकि अब इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा निगरानी की जा रही है, इसलिए हाईकोर्ट में याचिका पर सुनवाई की आवश्यकता नहीं है। इसके बाद हाईकोर्ट ने याचिका को निष्पादित कर दिया।


