कृष्णा नगर कॉलोनी के श्री राधा-कृष्ण मंदिर में प्रतिस्थापित मां ज्वाला की ज्योत के पहले वार्षिकोत्सव के धार्मिक अनुष्ठानों के तीसरे दिन मंदिर में श्री दुर्गा सप्तशती पाठ और श्री दुर्गा चालीसा पाठ की धूम रही। मंगलवार को श्री गणेश पूजन के बाद मंदिर के पुजारियों पंडित ज्ञानदेव मिश्रा, पंडित रामचंद्र उपाध्याय और पंडित सीताराम के सानिध्य में श्री दुर्गा सप्तशती के सामूहिक पाठ की शुरुआत हुई। मां दुर्गा के दरबार में ज्योत प्रज्वलित करने के बाद पंडित ज्ञानदेव मिश्रा ने कहा कि देवी दुर्गा की प्रशंसा में श्री दुर्गा सप्तशती का पाठ किया जाता है और यह 13 अध्यायों में है। इसमें देवी के विभिन्न रूपों और राक्षसों पर विजय का वर्णन है। दुर्गा सप्तशती का पाठ नवरात्र और अन्य धार्मिक आयोजनों पर किया जाता है। इस पाठ करने से देवी की कृपा बरसती है और जीवन की बाधाएं दूर होती हैं। पाठ पर बैठे पुरुष और महिला श्रद्धालुओं ने एक स्वर से पाठ किया। इसके बाद 11 बार श्री दुर्गा चालीसा का नमो नमो दुर्गे सुख करनी, नमो-नमो अंबे दुःख हरनी॥, निरंकार है ज्योति तुम्हारी, तिहूं लोक फैली उजियारी॥ शशि ललाट मुख महाविशाला, नेत्र लाल भृकुटि विकराला॥ रूप मातु को अधिक सुहावे, दरश करत जन अति सुख पावे॥… पाठ किया गया। पाठ में श्री राधा कृष्ण मंदिर कमेटी के प्रधान नंदकिशोर अरोड़ा, मनोहर लाल जसूजा, चंद्रभान तलेजा, रामचंद्र तलेजा, सुनील कटारिया, चंदन सिडाना व अन्य श्रद्धालु शामिल हुए।


