मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ में उद्योगों के विकास के लिए सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 का शुभारंभ किया। रायपुर में आयोजित छत्तीसगढ़ इंडस्ट्री डायलॉग-2 के शुभारंभ अवसर पर सीएम ने कहा कि छत्तीसगढ़ अब केवल कोर सेक्टर तक सीमित नहीं, बल्कि सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, फार्मा, डिफेंस, एयरोस्पेस और ग्रीन हाइड्रोजन जैसे अत्याधुनिक उद्योगों का राष्ट्रीय केंद्र बनने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 11 कंपनियों से 1.23 लाख करोड़ का निवेश प्रस्तावित है। इससे राज्य के 20 हजार से ज्यादा युवाओं को रोजगार मिलेगा। साय ने निवेशकों का स्वागत करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति रोजगार और आर्थिक समृद्धि पर केंद्रित है। हम अपने राज्य को नक्सल प्रभावित अतीत से बाहर निकालकर देश का सबसे गतिशील औद्योगिक और तकनीकी हब बना रहे हैं। यह प्रदेश अब निवेश का सबसे आकर्षक गंतव्य बन चुका है। साय ने कहा कि एक दिन पूर्व ही छत्तीसगढ़ राज्य लॉजिस्टिक पॉलिसी-2025 के प्रारूप काे मंजूरी दी है। छत्तीसगढ़ की भौगोलिक स्थिति देश की कनेक्टिविटी का केंद्र बिंदु है। यह नीति लॉजिस्टिक सेक्टर और ई-कॉमर्स में राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय निवेश को आकर्षित करेगी, निर्यात अधोसंरचना को मजबूत करेगी और सस्ती भंडारण सुविधाओं का विस्तार करेगी। साय ने बताया कि जन विश्वास विधेयक से व्यवसाय और लोगों के जीवन में अनावश्यक जटिलताएं दूर होंगी। कुछ कानूनों के प्रावधानों का गैर-अपराधीकरण करने से व्यवसायियों को बेवजह न्यायालयीन प्रकरणों में फंसने से राहत मिलेगी और न्यायिक खर्च में कमी आएगी। इस विधेयक के माध्यम से व्यापार व जीवनयापन में सहजता आएगी। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में सुधार होगा। 350 से ज्यादा सुधार से पांच लाख करोड़ का निवेश प्रस्ताव: साय ने बताया कि पिछले डेढ़ साल में 350 से अधिक संरचनात्मक सुधार लागू किए गए हैं। इससे सिर्फ छह महीनों में साढ़े पांच लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, जो छत्तीसगढ़ के औद्योगिक इतिहास में रिकॉर्ड है। दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु में आयोजित इंवेस्टर्स समिट से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय निवेशकों ने भारी उत्साह दिखाया। दिल्ली समिट में 15,184 करोड़ रूपए, मुंबई में 6,000 करोड़ रूपए और बेंगलुरु में ऊर्जा क्षेत्र में वृहद निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। छत्तीसगढ़ ने वित्तीय वर्ष 2025 में 1,63,749 करोड़ रूपए का निवेश आकर्षित किया, जो भारत के कुल निवेश का 3.71 प्रतिशत है।


