हिमाचल में एक ही रात में 168 घर ढहे:बादल फटने से 11 लोगों की मौत, 34 लापता, हेलिकॉप्टर से पहुंचाया जा रहा राशन

हिमाचल प्रदेश में बुधवार को बाढ़ में बहे 6 लोगों के शव मिले। 30 जून की रात को 15 जगह बादल फटने से अब तक 11 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 34 लोग लापता हैं। इनकी तलाश में राहत एवं बचाव कार्य जारी है। प्रशासन के अनुसार, अब इनके जिंदा होने की उम्मीद भी कम होती जा रही है। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA) के अनुसार, अब तक 168 घरों को नुकसान हुआ है। सराज विधानसभा क्षेत्र में क्षतिग्रस्त घरों का आंकड़ा और लापता लोगों की संख्या अभी और बढ़ सकती है। सराज विधानसभा में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। मंडी की सराज विधानसभा को जोड़ने वाली 80 प्रतिशत सड़कें व रास्ते बह चुके हैं। मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू ने वायु सेना से राहत एवं बचाव कार्य के लिए दो हेलिकॉप्टर मांगे। इसके बाद से प्रभावित क्षेत्रों में इन हेलिकॉप्टर से राशन की सप्लाई की जा रही है। सराज के इन क्षेत्रों में भारी नुकसान
जंजैहली से बगशयाड़ तक कई घर मलबे में दब गए, साथ ही कई घरों को आंशिक नुकसान हुआ है। शिकारी देवी मंदिर से निचले क्षेत्र ढींम, कटारू, केवली नाल में कई घर ढह गए और कई घरों में मलबा भर गया। जंजैहली बस स्टैंड में खड्ड ने बदला रुख
जंजैहली के नवनिर्मित बस स्टैंड से पहले खड्ड (नदी) ने अपना रुख बदल दिया। इससे बस स्टैंड का कुछ हिस्सा भी कट गया है। जंजैहली से एक किलोमीटर पहले बेवड़ जगह खड्ड का पानी सड़कों पर आने से 8 से ज्यादा मकानों को भारी नुकसान पहुंचा है। रेल चौक, जरोल, बगशयाड़, बोड़ीधार और कुथाह में भी कई घर जमींदोज हो गए। थुनाग बाजार में खड्ड के साथ लगती 60% दुकानें तबाह
थुनाग बाजार में खड्ड के साथ लगती 60 प्रतिशत से ज्यादा दुकानों को नुकसान की सूचना है। पखरेर वैली में एक ही परिवार के 5 लोग लापता बताए जा रहे हैं। इनका अब तक सुराग नहीं लग पाया। सराज विधानसभा के 150 से ज्यादा गांवों में 40 घंटे से ब्लैकआउट की स्थिति है। पेयजल लाइनें भी बह गई हैं, जिसके कारण लोगों को पीने का पानी नहीं मिल रहा है। नेता प्रतिपक्ष बोले- 350 से ज्यादा घर क्षतिग्रस्त
वहीं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने भी बुधवार सुबह सराज विधानसभा क्षेत्र में आपदा प्रभावितों से मिलने पहुंचे। उन्होंने दावा किया कि पखरैर पंचायत, डैजी और थुनाग क्षेत्र में ही 350 से ज्यादा घरों को नुकसान पहुंचा है। इन जगह पर 25 से ज्यादा लोग लापता हैं। पूरे विधानसभा क्षेत्र में इससे भी ज्यादा नुकसान हुआ है। उन्होंने सरकार से राहत एवं बचाव कार्य में तेजी लाने की मांग की है। CM आपदा प्रभावित क्षेत्र स्याठी पहुंचे
CM सुखविंदर सिंह सुक्खू भी बुधवार को आपदा प्रभावित क्षेत्र धर्मपुर के स्याठी पहुंचे और हालात की जानकारी ली। यहां पर उन्होंने आपदा प्रभावितों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। सीएम ने प्रभावितों से कहा कि सरकार की तरफ से हरसंभव मदद की जाएगी। 370 लोगों को रेस्क्यू किया गया
SDMA के अनुसार, 370 लोग सुरक्षित रेस्क्यू किए गए हैं। अब तक 104 गौशालाएं, 162 पशु, 31 वाहन, 14 पुल, 1 पावर प्रोजेक्ट फ्लैश फ्लड में बह गया है। पटिकरी प्रोजेक्ट पानी में बहा
सराज क्षेत्र में बादल फटने के बाद 16 मेगावाट बिजली क्षमता का पटिकरी पावर प्रोजेक्ट पूरी तरह तबाह हो गया। इसके डैम और पावर हाउस पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। घटना के वक्त इसमें 12 कर्मचारी काम कर रहे थे। सभी ने भागकर जान बचाई। इस प्रोजेक्ट को 2023 में भी भारी नुकसान हुआ था। इसे देखते हुए पावर हाउस की सुरक्षा के लिए 6 मीटर ऊंची और 150 मीटर लंबी प्रोटेक्शन वॉल बनाई गई थी। इन प्रोजेक्ट में बिजली उत्पादन ठप
भारी बारिश के बाद ब्यास की सहायक नदी सैंज नदी में सिल्ट (गाद) आने के बाद बिजली उत्पादन रोक दिया गया है। इसकी बिजली उत्पादन की क्षमता 100 मेगावाट की है और यह प्रोजेक्ट कुल्लू जिला में है। इसी तरह पार्वती-2 प्रोजेक्ट में भी सिल्ट की वजह से बिजली उत्पादन रोकना पड़ा है। पार्वती-2 परियोजना की उत्पादन क्षमता 200 मेगावाट बिजली की है। यह परियोजना कुल्लू जिले में पार्वती नदी पर स्थित है। सराज में बादल फटने से हुए नुकसान की PHOTOS….. ​

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