चतरा| गोड्डा के भोगनाडीह में बीते 30 जून को हूल दिवस के दौरान हुई घटना भाजपा का सडयंत्र है। झारखंड मुक्ति मोर्चा के नव निर्वाचित जिला अध्यक्ष निलेश ज्ञासेन ने गुरुवार को परिषदन में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि भाजपा नेता और पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन 30 जून को हुल दिवस के कार्यक्रम में हुड़दंग कराकर प्रदेश को अशांत करने के प्रयास किया। निलेश ज्ञासेन ने कहा है कि भाजपा और पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन ने षड्यंत्र के तहत अपने संरक्षित गुंडे मंडल मुर्मू व अन्य अपराधियों के सहारे भोगनाडीह में हथियार के बल पर घटना को अंजाम दिलाकर शांति व्यवस्था भंग करते हुए प्रदेश की अस्मिता और एकता को तोड़ने का प्रयास किया है। लेकिन पुलिस की सतर्कता से भाजपा के मंसूबे पुरे नहीं हुए। उन्होंने कहा कि भाजपा फूट डालो शासन करो की नीति पर काम कर रही है। कभी बीजेपी और उसके नेता हिंदू-मुस्लिम के नाम पर लोगों को लड़वाते हैं तो कभी आदिवासी और गैर-आदिवासी के नाम पर लड़वाने का सडयंत्र रचते हैं। भाजपा आदिवासियों का विरोधी है। भास्कर न्यूज | प्रतापपुर प्रखंड के एघारा पंचायत के कुशवाटांड और फलिन्दा गांव में इस बार सबसे पहले धान की रोपनी शुरू हो गई है। लगातार बारिश से खेतों में पानी का ठहराव हो गया है। करीब एक माह पहले बिचड़ा बोया गया था, जो अब पूरी तरह तैयार है। इसी कारण किसानों ने रोपनी का काम शुरू कर दिया है। कुशवाटांड और फलिन्दा के सक्रिय किसानों में अनिरुद्ध कुमार दांगी, गुड़िया कुमारी, सरिता देवी, सुनीता कुमारी, प्रेमनी देवी, गीता देवी, अर्बिंद प्रसाद, सुनील प्रसाद, गणेश यादव और धनेश यादव शामिल हैं। इन किसानों ने बताया कि पहली बारिश के साथ ही उन्होंने बिचड़ा बो दिया था। समय पर जुताई, निकाई और मवेशियों से सुरक्षा की व्यवस्था की गई। अब बिचड़ा पूरी तरह स्वस्थ और तैयार है। किसानों के पास पंप सेट और मोटर सेट जैसी सिंचाई की सुविधाएं हैं, जिससे खेती में मदद मिल रही है। इस क्षेत्र में करीब दस से बारह किसान धान की रोपनी कर रहे हैं। कुछ किसानों ने देर से बिचड़ा बोया था, इसलिए उनका बिचड़ा अभी तैयार नहीं हो पाया है। कुशवाटांड और फलिन्दा के अलावा भी कई ऐसे क्षेत्र हैं, जहां सक्रिय किसान हैं और जिनके पास खेती के समुचित साधन हैं। इन किसानों ने भी अपने-अपने खेतों में धान की रोपनी शुरू कर दी है।


