कुलदीप धालीवाल का मंत्री पद जाने की इनसाइड स्टोरी:नशा तस्करों को छुड़ाने का आरोप लगा; 20 महीने ऐसे विभाग के मंत्री रहे, जो था नहीं

पंजाब सरकार ने गुरुवार को हुए कैबिनेट विस्तार में लुधियाना वेस्ट से विधायक और उद्योगपति संजीव अरोड़ा को मंत्री पद की शपथ दिलाई। वहीं कुलदीप सिंह धालीवाल को मंत्रिमंडल से बाहर कर दिया गया। 2022 में AAP की सरकार बनने के बाद उन्हें अहम विभाग दिए गए थे, लेकिन धीरे-धीरे सभी वापस ले लिए गए। अब उनके पास कोई भी विभाग नहीं बचा है। खास बात यह है कि उन्हें 20 महीने तक ऐसे विभाग का मंत्री बनाए रखा गया, जो दस्तावेजों में ही अस्तित्व में नहीं था। धालीवाल की छुट्‌टी ने सियासी गलियारों में हलचल बढ़ा दी है। इस्तीफे के कारणों पर सरकार ने चुप्पी साध रखी है। लुधियाना वेस्ट हलके में वोटिंग से पहले BJP ने धालीवाल पर नशा तस्करों को बचाने के आरोप लगाया था। इसकी वीडियो भी जारी की थी। हालांकि धालीवाल ने इस आरोप को झूठा बताया था। अब पहले पढ़िए वह मामला, जिसमें धालीवाल का नाम आया 1. BJP ने कहा- धालीवाल ने नशा तस्कर छुड़वाए
करीब 22 दिन पहले जब लुधियाना के वेस्ट हलके में उपचुनाव के लिए प्रचार चल रहा था तो भाजपा प्रदेश महामंत्री अनिल सरीन ने कुलदीप सिंह धालीवाल पर नशा तस्करों की मदद का आरोप लगाया। सरीन ने कहा कि उनके पास सोशल मीडिया के जरिए कुलदीप धालीवाल की एक वीडियो सामने आई है। यह वीडियो पुलिस थाना अजनाला की है। थाना अजनाला की पुलिस ने कर्मवीर सिंह और सहजप्रीत सिंह को 50 ग्राम हेरोइन के साथ पकड़ा था। दोनों युवक मंत्री धालीवाल के करीबी हैं। धालीवाल इन्हें छुड़वाने के लिए खुद थाने में गए थे। 2. धालीवाल ने कहा- मैंने युवाओं को नशा मुक्ति केंद्र भेजने के निर्देश दिए थे
इसके बाद धालीवाल ने सोशल मीडिया पर लिखा था- अजनाला थाना की पुलिस ने दो नशा करने वाले युवकों को गिरफ्तार किया था। मैंने थाना में आकर उन्हें नशा मुक्ति केंद्र भेजने के आदेश दिए, क्योंकि वह कम उम्र के लड़के हैं। मुझे लगा कि उन्हें सजा नहीं इलाज की जरूरत है। 3. सरीन ने कहा- धालीवाल का निजी फायदा
इसके बाद सरीन ने कहा कि 50 ग्राम हेरोइन कॉमर्शियल में आती है। धालीवाल के पास ऐसी क्या ताकत है या कानून है कि वह नशा तस्करों को जेल की बजाय नशा मुक्ति केंद्र में भेजने का आदेश दे रहे हैं। धालीवाल का इस मामले में कोई निजी फायदा है। कभी सबसे ताकतवर, अब खाली हाथ
जब 2022 में आम आदमी पार्टी की सरकार बनी, तब कुलदीप धालीवाल को 3 मंत्रालय कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, ग्राम विकास एवं पंचायत, एनआरआई अफेयर्स दिए गए थे। शुरुआती महीनों में उन्हें मुख्यमंत्री भगवंत मान का करीबी भी माना गया। वे कई मंचों से सीएम के प्रतिनिधि के रूप में घोषणाएं किया करते थे। 2023 में कैबिनेट फेरबदल के दौरान उनसे कृषि और किसान कल्याण विभाग भी हटाकर उन्हें सिर्फ प्रशासनिक सुधार और एनआरआई विभाग सौंपा गया। जमीन से कब्जे हटवाए, पर राजनीति में नुकसान झेला
मंत्री रहते हुए धालीवाल ने पंचायत की जमीनों से अवैध कब्जे हटवाने के लिए बड़ा अभियान चलाया था। मई 2022 में ही 10 दिनों में राज्यभर से करीब 1,200 एकड़ जमीन से कब्जे हटवाए गए। मोहाली के फतेहगढ़ और सिसवां गांव से भी उन्होंने सैकड़ों एकड़ जमीन मुक्त कराई थी। इसके अलावा 26,300 एकड़ शामलात जमीन की पहचान की, जिस पर अवैध कब्जा था।
उनका यह कदम जनता की नजर में सराहनीय रहा, लेकिन अंदरखाने राजनीति में उनके लिए घाटे का सौदा साबित हुआ। पंचायत विभाग उनसे उस समय वापस ले लिया गया, जब वे इस काम को आगे बढ़ा रहे थे। मंत्री थे उस विभाग के, जो था ही नहीं
1 जून 2023 में जब उनसे कृषि विभाग वापस ले लिया गया, तब उन्हें प्रशासनिक सुधार मंत्रालय का जिम्मा सौंपा गया। लेकिन यह वही विभाग था जिसका 2012 में ही विलय हो चुका था और जिसे दोबारा कभी एक्टिवेट ही नहीं किया गया। धालीवाल 20 महीने तक ऐसे विभाग के मंत्री रहे, जिसका कोई दफ्तर और कर्मचारी नहीं था। आखिरकार 7 फरवरी 2025 में गजट नोटिफिकेशन के जरिए इस विभाग को पूरी तरह हटा दिया गया और उनके पास सिर्फ एनआरआई विभाग बचा। 2009 में अस्तित्व में आया विभाग
पंजाब का प्रशासनिक सुधार विभाग 8 जनवरी 2009 को पंजाब प्रशासनिक सुधार आयोग की स्थापना के साथ अस्तित्व में आया था। इस आयोग का मुख्य उद्देश्य राज्य में प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल और पारदर्शी कर लोगों को बेहतर सेवाएं प्रदान करना था। ऑनलाइन एनआरआई मिलनी शुरू की
धालीवाल पंजाब के पहले मंत्री बने, जिन्होंने एनआरआई पंजाबियों के साथ ऑनलाइन “मिलनी” कार्यक्रम शुरू किया। इसके जरिए दुनियाभर में बसे पंजाबी सीधे सरकार से जुड़ सके। अब तक वह 7 से ज्यादा ऑनलाइन मिलनियां करवा चुके थे। इस्तीफे के बाद धालीवाल से 3 सवाल…. ​​आपको क्यों हटाया और अब आगे क्या प्लान है?
कैबिनेट से क्यों हटाया यह तो पार्टी को पता होगा। जो भी व्यक्ति काम करता है, उसे मौका दिया जाना चाहिए। मेरे हलके के लोगों ने मुझे वोट डालकर चुना है। उस इलाके के विकास के लिए अपनी पूरी जान लगा दूंगा। हलके को नंबर एक बनाना है। अब मैं अगले डेढ़ साल तक अजनाला में बैठकर काम करूंगा। पार्टी जहां भी मेरी ड्यूटी लगाएगी, वह काम करूंगा। अब आपके पास एक ही महकमा था एनआरआई विभाग, क्या आप महकमे कम करने को लेकर नाराज थे?
मैं महकमों की लड़ाई में शामिल नहीं हूं। मैंने 10 साल में एक दिन भी छुट्‌टी नहीं ली। मुझे सीएम मान ने कहा था कि किसी और को मौका देना है। मैंने कहा ठीक है। मैं 3 साल में किसी पांच सितारा होटल में नहीं गया। मेरी जिंदगी सिंपल है। बच्चे को छोड़कर पंजाब की भलाई के लिए अमेरिका से आया हूं। इस्तीफे के बाद आपकी परफार्मेंस पर सवाल उठाए जा रहे हैं, आपका क्या कहना है?
मैं खुली किताब की तरह हूं। मैंने एक साल में 11 हजार एकड़ जमीन छुड़ाई है। मेरे लिए पंजाब पहले है। पदों का कोई महत्व नहीं है। मेरे मन को तसल्ली है कि मैंने 100 परसेंट काम किया। ————– ये खबर भी पढ़ें… पंजाब के नए मंत्री बने अरोड़ा को मिले 3 विभाग:कुलदीप धालीवाल की छुट्‌टी, बोले- मुझे CM ने इस्तीफा देने के लिए कहा था राज्यसभा छोड़कर लुधियाना से उपचुनाव जीतने वाले संजीव अरोड़ा पंजाब सरकार के नए NRI, उद्योग और वाणिज्य मंत्री बन गए हैं। गुरुवार को राजभवन में हुए समारोह में उन्होंने 17वें मंत्री के रूप में शपथ ग्रहण की। लुधियाना वेस्ट उपचुनाव जीतने के बाद संजीव अरोड़ा को मंत्री बनाए जाने का वादा किया गया था। पूरी खबर पढ़ें…

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