जल संरक्षण के लिए कोंडागांव में अनूठी पहल:मोर गांव – मोर पानी अभियान से बदली ग्रामीणों की जीवनशैली, पौधरोपण से मिल रहा सहयोग

कोंडागांव में जल संरक्षण को लेकर प्रदेश सरकार का ‘मोर गांव, मोर पानी’ महाअभियान सकारात्मक परिणाम दे रहा है। इस अभियान से ग्रामीणों की सोच और जीवनशैली में बदलाव आ रहा है। कोंडागांव विकासखंड के ग्राम पंचायत बम्हनी में ग्रामीणों ने सामूहिक श्रमदान से बोरी बंधान का निर्माण किया। इस कार्य में बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक ने हिस्सा लिया। सभी ने फावड़े, बेलचे और बोरियों की मदद से जल बहाव रोकने का काम किया। जिले में जल संरक्षण के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। हैंडपंप से निकलने वाले पानी के लिए 2,972 सोखता गड्ढे बनाए गए हैं। जल स्तर कम होने से बंद हुए 114 बोरवेलों में से 12 को पुनर्जीवित किया गया है। 7 हजार से ज्यादा पौधे लगाए ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत 7,279 पौधों का रोपण किया जा रहा है। इससे गांवों को हरा-भरा बनाने में मदद मिल रही है। ग्राम पंचायतों और सार्वजनिक स्थलों पर दीवार लेखन के माध्यम से जागरूकता फैलाई जा रही है। अभियान में जन सहभागिता इस महाअभियान की सबसे बड़ी विशेषता जनसहभागिता है। गांव-गांव के लोग स्वेच्छा से जल और पर्यावरण संरक्षण में योगदान दे रहे हैं। यह प्रयास आने वाली पीढ़ियों के लिए जल और जीवन संरक्षण का उदाहरण बन रहा है।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *