सूदखोर तोमर ने वसूले 50 लाख…धमकाने की कॉल-रिकॉर्डिंग:कहा-तुम्हारे मां-बाप को मार डालूंगा, गालियां भी दी, रायपुर के होटल-कारोबारी ने लिए थे 15 लाख

रायपुर के बहुचर्चित सूदखोर रोहित तोमर और होटल कारोबारी गजानंद सिंह की कॉल रिकॉर्डिंग वायरल हो रही है, जिसमें रोहित तोमर कारोबारी को पैसे के लिए डरा रहा है। घर में घुसकर कारोबारी समेत मां-बाप को मार डालने की धमकी दे रहा है। मामला भनपुरी-खमतराई इलाके का है। कारोबारी के मुताबिक सूदखोर रोहित तोमर से 15 लाख रुपए उधार लिए थे। बदले में तोमर ने उससे करीब 50 लाख वसूल कर चुका था, वह और पैसों की मांग कर रहा था। पैसे वसूलने की कॉल रिकॉर्डिंग सामने आई है, जिसमें रोहित होटल कारोबारी को गालियां और धमकी दे रहा है। सिविल खराब होने पर सूदखोर के पास पहुंचा कारोबारी कारोबारी गजानंद सिंह ने बताया कि वह भनपुरी खमतराई में रहता है। उसका होटल का बिजनेस है। कोरोना के दौर में बिजनेस में नुकसान हुआ तो उसे पैसों की जरूरत पड़ी, लेकिन सिविल स्कोर कम होने की वजह से बैंक से लोन नहीं मिल पाया। कारोबारी ने बताया कि एक व्यक्ति के माध्यम से उसका रोहित तोमर के साथ संपर्क हुआ। रोहित तोमर से उसने 15 लाख रुपए लोन की बातचीत की। इसके बदले में तोमर ने कारोबारी से जमीन के कागजात और सिग्नेचर किया कोरा चेक मंगाया। 15 की जगह 50 लाख रुपए वसूल किए कारोबारी ने बताया कि 30 जून 2022 को तोमर के ऑफिस में जाकर हर महीने 50 हजार ब्याज के एवज में 15 लाख रुपए लोन लिया, लेकिन कुछ दिन बाद तोमर हर महीने की जगह हर हफ्ते 50 हजार ब्याज मांगने लगा। फोन से गाली-गलौज और धमकी देने लगा। कारोबारी ने बताया कि 19 अक्टूबर 2022 को 15 लाख रुपए उसे वापस दे दिए, लेकिन वसूली का सिलसिला नहीं थमा। इसके बाद जनवरी 2023 में फिर 12 लाख रुपए दिए गए। इस तरह कई किस्तों में करीब 50 लाख 51 हजार रुपए रोहित तोमर और उनके गुर्गों ने वसूले। कारोबारी बोला-आत्महत्या करने का मन किया रोहित के टॉर्चर से गजानंद सिंह लगातार परेशान हो गया। उसने बताया कि आत्महत्या करने का मन किया। हर दूसरे दिन गालियां देकर रोहित और दिव्यांश तोमर उससे बात करते थे। उसके होटल को कब्जा करने और जमीन को हड़पने की बात कहते थे। कारोबारी ने दूसरों से रुपए मांगकर कर्जा चुकाने की कोशिश की, लेकिन वसूली बंद नहीं हुईं। पुलिस ने दर्ज की 6 FIR कारोबारी गजानंद सिंह की शिकायत पर पुलिस ने रोहित तोमर, दिव्यांश तोमर, आकाश मिश्रा और योगेश सिन्हा के खिलाफ अवैध वसूली, धमकी और छत्तीसगढ़ ऋणियों का संरक्षण अधिनियम के तहत FIR दर्ज की है। पुलिस को दी गई शिकायत के साथ पीड़ित ने पेन ड्राइव, बैंक ट्रांजेक्शन डिटेल्स और ऑडियो-वीडियो सबूत भी सौंपे हैं। इस मामले में दिव्यांश तोमर पहले से ही न्यायिक हिरासत में केंद्रीय जेल रायपुर में बंद है, जबकि अन्य आरोपी फरार हैं। पुलिस ने बताया कि इस गिरोह के खिलाफ अब तक 6 FIR दर्ज हो चुकी है और बाकी आरोपियों की तलाश जारी है। आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई देखकर पीड़ित पहुंच रहे थाना हिस्ट्रीशीटर तोमर भाइयों के कई शिकार हैं। आरोपियों और उनके गुर्गों का खौफ पीड़ितों को इस कदर था, कि उनके शहर में रहते हुए शिकायत देने नहीं पहुंच रहे थे। पुलिस ने वीरेंद्र और रोहित पर जबसे कार्रवाई शुरू की है, तब से पीड़ितों के मन में डर खत्म हो गया है। इसके पहले पुरानी बस्ती थाना में नारायणपुर जिले के पीड़ित ने आरोपी रोहित तोमर के खिलाफ एक पीड़ित ने शिकायत की थी पीड़ित ने पुलिस को बताया, कि उसने 10 लाख रुपए कर्ज लिया था और ब्याज सहित 1 करोड़ 10 लाख रुपए दिए। जमानत रद्द करने के लिए किए है अपील-CSP राजेश देवांगन हिस्ट्रीशीटर तोमर बंधुओं के खिलाफ जांच कर रहे पुरानी बस्ती CSP राजेश देवांगन ने बताया, कि आरोपियों के खिलाफ शिकायत मिलने के बाद अब तक 6 केस दर्ज किया गया है। आरोपी वीरेंद्र तोमर और रोहित तोमर फरार है, उनकी तलाश की जा रही है। पुलिस ने कोर्ट से आरोपियों की जमानत रद्द करने के लिए भी अपील की है। पुलिस ने सिर मुंडवाकर निकाला था जुलूस बता दें कि, एक साल पहले रायपुर के हाइपर क्लब गोलीकांड के बाद पुलिस ने आरोपियों का सिर आधा मुंडवा कर जुलूस निकाला था। इस घटना में रोहित तोमर, विकास अग्रवाल, सारंग मांधान और अमित तनेजा गिरफ्तार हुए थे। जुलूस निकालने के दौरान उनके कपड़े भी फटे हुए थे। निगरानी गुंडा बदमाश में है रोहित तोमर सूदखोर रोहित तोमर निगरानी गुंडा बदमाश है। आरोपी के खिलाफ राजेंद्र नगर, तेलीबांधा, पुरानी बस्ती, कोतवाली और गुढ़ियारी में 9 से ज्यादा मामले दर्ज हैं। आरोपी सूदखोरी, मारपीट, ब्लैकमेल के मामले में जेल भी जा चुका है। सूदखोर रोहित गोल्डन मैन के नाम से जिले में मशहूर है। रसूखदारी बनी रहे, इसलिए आरोपी अपने गिरोह के साथ समय-समय पर कार्यक्रमों में भी दिखता था।

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