भास्कर न्यूज | जालंधर जालंधर सिटी रेलवे अस्पताल में कर्मचारियों को सही ढंग से सुविधाएं न मिलने की शिकायत दिल्ली में डायरेक्टर मेडिकल व रेलवे बोर्ड के पास पहुंची थी। जिसके बाद बोर्ड ने रेलवे अस्पताल के डाक्टरों व इमपेनल्ड अस्पतालों के डाक्टरों को नोटिस जारी कर इसका हल निकालने के आदेश जारी किए थे। इसी के तहत शुक्रवार को शहर के 10 प्राइवेट अस्पतालों के डाक्टरों ने रेलवे अस्पताल के डाक्टरों व ऑल इंडिया रिटायर्ड रेलवे मेन्स फेडरेशन के सदस्यों के साथ बैठक की और आश्वासन दिया कि इलाज के दौरान कोई परेशानी नहीं आने दी जाएगी। इस समस्या के हल के लिए रेलवे अस्पताल जालंधर में ऑल इंडिया रिटायर्ड रेलवे मेन्स फेडरेशन (एआईआरआरएफ) के पदाधिकारी और रेलवे हॉस्पिटल के डॉ. श्वेता सभ्रवाल की अध्यक्षता में रेलवे के पैनल पर सभी जालंधर के अस्पतालों के प्रमुखों के बीच बैठक हुई। जिसमें रिटायर्ड रेलवे कर्मचारियों द्वारा इमपेनल्ड अस्पतालों में प्रतिदिन मुश्किलों और दिक्कतों के बारे में जानकारी दी। ऑल इंडिया नॉर्दर्न जोन जोनल सेक्रेटरी सुभाष चंद्र दत्ता ने कहा कि पिछले दिनों रिटायर्ड कर्मचारियों को आ रही दिक्कतों को लेकर मेडिकल डायरेक्टर के साथ बैठक में मुद्दा उठाया गया था। उन्होंने कहा कि रेलवे अस्पताल में अगर कोई दांतों का मरीज आता है तो उसे दूसरे अस्पताल में रेफर कर दिया जाता है जोकि गलत है। इसके अलावा दवाई सिर्फ तीन ही दिन की लिखी जाती है जिसे एक सप्ताह की करनी चाहिए। इसके अलावा उम्मीद कार्ड पर इलाज होना चाहिए। यूनियन के सदस्यों की समस्याओं को सुनने के बाद सभी डाक्टरों ने आश्वासन दिया कि पहल के आधार पर काम किया जाएगा। बैठक में चंद्र मेहता, राजेंद्र वालिया सुनील कुमार, हरबंस सिंह, गुरदीप राज, दलजीत सिंह, यशपाल, रमेश भल्ला, अमृतलाल, रमेश कुमार, दया सिंह, पीपी सोढ़ी एवं प्रशासन के तरफ से मुख्य निरीक्षकों ने भाग लिया।


