छत्तीसगढ़ में आईटी सेक्टर अब तक स्थापित नहीं हो पाया है। एक प्रकार से आईटी कंपनियों ने छत्तीसगढ़ में अब तक खास रुचि नहीं ली है। इस कारण छत्तीसगढ़ में इस क्षेत्र में कोई खास काम नहीं हो पाया है। इसी कमी को दूर करने के लिए राज्य की औद्योगिक नीति में महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। इसके तहत अब वीएफएक्स स्टूडियो जैसे कार्यों को भी उद्योग का दर्जा देकर उनको बढ़ावा दिया जाएगा। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इसमें छोटी-छोटी पूंजी के निवेश के जरिए आईटी सेक्टर को खड़ा किया जाएगा। उसमें भी 40 प्रतिशत तक कैपिटल सब्सिडी देकर युवाओं को इस क्षेत्र में अधिक से अधिक आने के लिए प्रेरित किया जाएगा। यानी 10 लाख तक की पूंजी के काम में 4 लाख रुपए तक सब्सिडी राज्य सरकार देगी। नवा रायपुर में सेमी कंडक्टर जैसे कामों के लिए पूंजी निवेश शुरू करने के बाद आईटी सेक्टर के लिए ऐसा प्रावधान किया गया है जिसमें बेरोजगार युवकों को रोजगार भी मिले और इस सेक्टर में रुचि पैदा हो। छोटे-छोटे कामों का जाल बिछाकर आईटी सेक्टर की बड़ी कंपनियों को यहां लाने के लिए प्रेरित करने की योजना है। इसके तहत माइक्रो, स्माल और मीडिया सर्विस कैटेगरी में निवेश को बांटकर उन्हें मदद दी जाएगी। छत्तीसगढ़ में थ्रीडी एनिमेशन और वीएफएक्स स्टूडियो, फिल्म स्टूडियो, बिजनेस प्रोसेस आउटसोर्सिंग, आईटी कंसल्टेंसी, डाटा प्रोसेसिंग सेंटर, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस से रिलेटेड रिसर्च और डेवलपमेंट के कामों के लिए सब्सिडी दी जाएगी। इसमें बैंक लोन के ब्याज पर 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, तकनीक खरीदने पर सब्सिडी और जमीन खरीदने या लीज पर लेने पर स्टांप ड्यूटी में छूट देने का भी प्रावधान किया गया है। युवाओं को प्रशिक्षण के लिए 15 हजार रुपए तक आर्थिक मदद भी दी जाएगी। फिलहाल इस तरह की व्यवस्था मध्यप्रदेश और उड़ीसा के अलावा दक्षिण भारत के कई राज्यों में है। बंगलुरु और हैदराबाद में इस तरह के छोटे-छोटे कामों का जाल बिछ चुका है। इस कारण छत्तीसगढ़ में भी इसे हाथ में लिया गया है। इस क्षेत्र में स्थानीय बेरोजगारों को काफी रोजगार मिलने की संभावना है।


