अमृतसर में स्टेमी प्रोग्राम से बची हार्ट-अटैक मरीज की जान:ईसीजी रिपोर्ट के बाद लगाया जाता है इंजेक्शन, 23 जिलों में शुरू हुआ कार्यक्रम

पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने 1 जुलाई को राज्य के 23 जिलों में अमृत मिशन के तहत स्टेमी कार्यक्रम की शुरुआत की। इस कार्यक्रम के अंतर्गत सोमवार को अमृतसर के सिविल अस्पताल में एक हार्ट अटैक के मरीज की जान बचाई गई। सिविल सर्जन डॉ. किरणदीप कौर के अनुसार, अमृत मिशन (एक्यूट मायोकार्डियल रिपरफ्यूजन इन टाइम) के तहत स्टेमी प्रोग्राम में हार्ट अटैक के मरीजों को टेनियाक्टाइलेज इंजेक्शन दिया जाता है। यह इंजेक्शन विशेषज्ञ डॉक्टर की देखरेख में ईसीजी रिपोर्ट के बाद लगाया जाता है। मरीज को दिया जीवनरक्षक इंजेक्शन सिविल अस्पताल अमृतसर में एसएमओ डॉ. रश्मि विज और उनकी टीम ने एक मरीज को यह जीवनरक्षक इंजेक्शन दिया। इसके बाद मरीज को मेडिकल कॉलेज अमृतसर रेफर किया गया, जहां डॉ. परमिंदर सिंह उनका इलाज कर रहे हैं। सरकारी अस्पतालों में इंजेक्शन मुफ्त उपलब्ध जिला परिवार कल्याण अधिकारी डॉ. नीलम भगत ने बताया कि स्टेमी कार्यक्रम के लिए जिला स्तर पर विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम बनाई गई है। बाजार में महंगा मिलने वाला यह इंजेक्शन सरकारी अस्पतालों में मुफ्त उपलब्ध कराया जा रहा है।

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