विदेशी नागरिकों से ठगी करने वाले साइबर ठगों के गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। आरोपी विदेश के लोगों के लैपटॉप और कंप्यूटर में ईमेल के माध्यम से बग (वायरस) भेजते थे। बाद में उसे ठीक करने के एवज में 200 डॉलर तक वसूलते। पुलिस की प्राथमिक जांच में सबसे ज्यादा अमेरिका और कनाडा के लोगों को ठगने की बात सामने आई है। प्रकरण में पुलिस ने 2 युवतियों समेत 9 लोगों को पकड़ा है। उनके कब्जे से कुल 13 लाख रुपए से ज्यादा का सामान मिला, जिसमें 2.55 लाख की नकदी समेत 12 लैपटॉप, 14 मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, एक स्कूटी, विभिन्न बैंकों के एटीएम और अन्य दस्तावेज शामिल हैं। एसएसपी विजय अग्रवाल ने बताया कि पकड़े गए सभी आरोपी दिल्ली-एनसीआर के रहने वाले हैं। उन्होंने महीनेभर से भिलाई में किराए पर एक मकान ले रखा था, जहां ठगी के लिए कॉल सेंटर चला रहे थे। प्राथमिक जांच में आरोपियों द्वारा महीनेभर के अंदर 12 लाख रुपए की ठगी करने की बात सामने आई है। गिरोह के मास्टर माइंड अर्जुन शर्मा को हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने बताया कि वे विदेशों में रहने वाले लोगों के मोबाइल, लैपटॉप और कंप्यूटर में बग (वायरस) भेजते थे। उसे ठीक करने के लिए उनसे संपर्क करने कॉल सेंटर स्थापित कर रखा था, जो पीड़ितों से मोल-भाव करते थे। इसके बाद उनसे 80 से 200 डॉलर तक वसूल लेते। ठगी के शिकार व्यक्ति से डॉलर या क्रिप्टो करंसी के माध्यम से ई-वॉलेट में पेमेंट लिया जाता था।


