राजस्थान में बारिश के दौरान खराब हुई सड़कों को दुरुस्त करने के लिए पीडब्ल्यूडी विभाग अभियान चलाकर सड़क मरम्मत कराएगा। उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने 965 करोड़ रुपए की वित्तीय स्वीकृति जारी की है। गुरुवार को उपमुख्यमंत्री ने निर्माण भवन में पीडब्ल्यूडी विभाग की समीक्षा बैठक ली। इसमें उन्होंने प्रदेशभर में मीडियन कट बंद करने के आदेश दिए। बैठक में उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने सभी अधिकारियों को नियमित फील्ड विजिट कर सड़कों की गुणवत्ता जांच करने के निर्देंश दिए। कहा कि अधिकारी जिन सड़कों का निरीक्षण करेंगे उसकी रिपोर्ट हर सात दिन में विभाग को देनी होगी। इसके बाद भी अगर निरीक्षण की गई सड़कों की गुणवत्ता खराब मिलेगी। तो निरीक्षण करने वाले अधिकारी की जिम्मेदारी तय होगी। सेंट्रलाइज्ड होगा डीपीआर बनाने का काम बैठक में उन्होंने बायो बीटू-मिन का प्रयोग कर एक सड़क को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए। कहा कि स्थानीय स्तर पर डीपीआर बनाने के काम में देरी होने की वजह से काम समय पर शुरू नही हो पाते। ऐसे में बजट घोषणाओं सहित अन्य योजनाओं के तहत बनने वाले पुल, सड़क की डीपीआर बनाने का काम सेंट्रलाइज्ड किया जाए। ताकि समय पर प्रोजेक्ट को शुरू करवाकर उन्हें तय समय अवधि में पूरा किया जा सके। उपमुख्यमंत्री ने कहा- सड़क पर दृश्यता बढ़ाने के उद्देश्य से सड़क के शोल्डर्स की जंगल क्लियरेंस के कार्य, सड़क भूमि पर अतिक्रमण हटाने के लिए जिला प्रशासन के साथ समन्वय कर जल्द से जल्द कार्यवाही की जाए। इसके साथ ही प्रदेशभर में अनाधिकृत मीडियन कट बंद किए जाएं। रोड साइन और लेन मार्किंग के कार्य को प्राथमिकता के साथ जल्द से जल्द पूरा किया जाए। घुमंतू जानवरों की रोकथाम के लिए स्थानीय निकाय से समन्वय कर उन्हें सड़कों से दूर कर एनजीओ और रक्षा मित्र के साथ मिलकर कालर रिफ्लेक्टर लगाए जाएं। 965 करोड़ से होगी सड़कों की मरम्मत उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने बताया- इस साल बारिश से क्षतिग्रस्त सड़कों की स्थायी मरम्मत के लिए 964 करोड़ 43 लाख रुपए की वित्तीय स्वीकृति जारी की। जिससे प्रदेशभर में 2300 से ज्यादा क्षतिग्रस्त सड़कों की स्थायी मरम्मत करवाई जाएगी। बैठक में राज्य मंत्री मजू बाघमार, प्रमुख शासन सचिव प्रवीण गुप्ता, शासन सचिव डी आर मेघवाल, मुख्य अभियंता और अतिरिक्त सचिव टी सी गुप्ता सहित सभी मुख्य अभियंता, अतिरिक्त मुख्य अभियंता और वीसी के माध्यम से सभी अधीक्षण अभियंता मौजूद रहे।


