भास्कर न्यूज | डौंडी क्षेत्र में बीते कुछ दिनों से हो रही रिमझिम बारिश से खेती-किसानी के काम को रफ्तार मिली है। किसानों ने धान की बोवनी पद्धति से खेती लगभग पूरी कर ली है। कुछ खेतों में पानी अधिक भर जाने से वहां बोवनी नहीं हो सकी। ऐसे खेतों में किसानों ने लाई-चोपी से धान की खेती की है। अब खेतों की मताई और रोपा लगाने का काम तेजी से चल रहा है। सोमवार को अंचल में अब तक की सबसे अधिक 54.3 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। 1 जून से 7 जुलाई तक डौंडी क्षेत्र में कुल 254 मिलीमीटर बारिश हो चुकी है। कृषि विभाग के अनुसार इस खरीफ सीजन में डौंडी क्षेत्र में 20062 हेक्टेयर में धान की खेती का लक्ष्य रखा गया है। इसमें से 18800 हेक्टेयर जमीन पर बोवनी पद्धति से धान की बुआई हो चुकी है। यह कुल लक्ष्य का 95% है। धान की रोपाई पद्धति से खेती के लिए 3300 हेक्टेयर जमीन तय की गई है। इसमें से अब तक 35% खेतों में रोपा लगाया जा चुका है। कृषि विभाग किसानों को धान के बदले अन्य फसलें लेने के लिए भी प्रेरित कर रहा है। इसके लिए किसानों को निशुल्क मिनीकिट बांटे गए हैं। प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दो पंचायतों का किया चयन डौंडी क्षेत्र की उच्चहन भर्री जमीन में कोदो की खेती के लिए 130 हेक्टेयर जमीन का चयन किया गया है। अरहर की खेती को बढ़ावा देने के लिए 4 किलो वाले मिनीकिट 200 किसानों को वितरित किए गए हैं। इसके अलावा प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए ब्लॉक की दो पंचायतों का चयन किया गया है। इनमें ग्राम पंचायत धुरवाटोला और ग्राम पंचायत सिंगनवाही शामिल हैं। दोनों पंचायतों में 50-50 हेक्टेयर का क्लस्टर बनाया गया है। प्रत्येक पंचायत में 125 किसानों को एक-एक एकड़ जमीन पर प्रदर्शन के लिए चुना गया है। कृषि विभाग की टीम लगातार खेतों का निरीक्षण कर रही है। किसानों को तकनीकी सलाह भी दी जा रही है।


