एक्सपर्ट के साथ मनीष पाण्डेय की रिपोर्ट 10 दिन पहले की बात है। बालाघाट से एक मरीज मेरे पास आया। नाम है सुखदेव मेश्राम, उम्र 70 वर्ष। उसने बताया कि पिछले 2 साल से उसे चक्कर आने, एक आंख से धुंधला दिखने और सुनाई न ने की समस्या है। बार-बार लकवा जैसी शिकायतें भी हैं। पूर्व में उसने किसी अस्पताल में जांच कराई। वहां के डॉक्टरों ने छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े सरकारी अंबेडकर अस्पताल में दिखाने का सुझाव दिया। इसी के बाद मरीज मेरे पास आया था। पूर्व की रिपोर्ट देखते ही हमें पता चल गया था कि मरीज के गले की नस कैरोटिड आर्टरी में 95% ब्लॉकेज है। हमने तत्काल उसे भर्ती किया। शुरुआती जांच के बाद कैरोटिड सीटी एंजियोग्राफी कराई गई। पता चला कि सुखदेव की RECCA दाहिनी कैरोटिड आर्टरी में 95% ब्लॉकेज थे। इसी के चलते मस्तिष्क को रक्त की आपूर्ति नहीं हो रही थी। रक्त न पहुंचने से बार-बार चक्कर आना, एक आंख से धुंधला दिखना जैसी शिकायतें थीं। जांच के बाद हार्ट, चेस्ट और वेस्कुलर सर्जरी विभाग की टीम ने सर्जरी प्लान की। ये मुश्किल थी, जो राज्य में पहली बार हुई। सर्जरी के 6 दिन पहले परिजन को भी पूरी जानकारी दी। सर्जरी में कैरोटिड शंट नामक विशेष उपकरण का प्रयोग किया गया। इससे मस्तिष्क में रक्त प्रवाह लगातार बना रहा। ब्लॉकेज हटाने के बाद नस को बोवाइन पेरिकार्डियम पैच से मरम्मत कर पुनः सामान्य किया गया। सर्जरी सफल रही और मरीज अब स्वस्थ है। हालांकि इसमें काफी जोखिम था, क्योंकि सर्जरी में जान का खतरा था। ऐसा इसलिए होता है कि ऑपरेशन में यदि कोई प्लाक का टुकड़ा या हवा का बुलबुला मस्तिष्क में चला जाता तो मरीज ब्रेन डेड हो सकता था। जानिए, क्या होती है कैरोटिड आर्टरी और क्यों होता है ब्लॉकेज कैरोटिड आर्टरी वह मुख्य धमनी होती है, जो गले से होते हुए मस्तिष्क तक रक्त पहुंचाती है। इसमें रुकावट का मुख्य कारण धूम्रपान, अनियंत्रित डायबिटीज, उच्च रक्तचाप और कोलेस्ट्रॉल जमा होना होता है। आमतौर पर 50% तक ब्लॉकेज होने पर लक्षण स्पष्ट नहीं होते, पर 70 से 80% ब्लॉकेज पर ट्रांजिएंट इस्केमिक अटैक या स्ट्रोक जैसे लक्षण सामने आते हैं। जैसे अचानक एक आंख से दिखना बंद, मुंह टेढ़ा, बोलने में दिक्कत या असंतुलन। ये है बचाव के उपायः धूम्रपान और तंबाकू छोड़कर, ब्लड प्रेशर और शुगर नियंत्रित रखकर, संतुलित आहार व नियमित व्यायाम से रोका जा सकता है। जिन मरीजों को कोरोनरी आर्टरी डिजीज होती है, उनमें 8-10% मामलों में कैरोटिड आर्टरी में भी ब्लॉकेज होता है।


