बारिश में कांग्रेस की सभा:पार्टी अध्यक्ष खरगे का केंद्र पर हमला बोले- नीतीश और नायडू की बैसाखी के सहारे चल रहे मोदी

रायपुर में सोमवार को कांग्रेस की किसान, जवान, संविधान सभा आयोजित की गई। इसमें बरसते पानी के बीच कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं का उत्साह ऐसा था मानो चुनावी आगाज हो। राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने इस जनसभा से केंद्र सरकार पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार दो बैसाखी(पैर) से चल रही है। एक आंध्र प्रदेश के टीडीपी (चंद्रबाबू नायडू) की है तो दूसरी बिहार के नी​तीश कुमार की। इनमें से यदि कोई एक भी टांग हिली तो मोदी गिर जाएंगे। वहीं उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए कहा कि हमारे कार्यकर्ता मर जाएंगे पर किसी से डरने वाले नहीं हैं। खरगे ने आदिवासियों को साधते हुए अपने ‘जल, जंगल और जमीन’ की रक्षा की लड़ाई में एकजुट रहने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि हमें अपने जल, जंगल, जमीन की रक्षा करनी है तो सभी को बीजेपी खिलाफ लड़ाई में एकजुट होना होगा। आज अडानी और अंबानी जैसे लोग छत्तीसगढ़ आकर जमीन पर कब्जा कर रहे हैं। वे खदानों के लिए जंगलों में लाखों पेड़ काट रहे हैं। उन्होंने पूर्ववर्ती भूपेश सरकार का उल्लेख करते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार में जो जनकल्याणकारी योजनाएं चलाई गईं, उन्हें भाजपा सरकार ने बंद कर दिया। 67 नई शराब की दुकानें खोल दीं और नकली शराब बेचने का धंधा शुरू कर दिया। भाजपा संविधान की मूल आत्मा से खिलवाड़ कर रही खरगे ने कहा कि आरएसएस और भाजपा संविधान की मूल आत्मा से खिलवाड़ कर रहे हैं। संघ के एक विचारक ने ‘सोशलिज्म’ और ‘सेक्युलरिज्म’ शब्दों को संविधान से हटाने की बात कही है। 1980 में आपने अपने ही संविधान में क्या लिखा था? ये शब्द हटाकर तो देखिए, पूरा देश आपके खिलाफ खड़ा हो जाएगा। केंद्र की सरकार ज्यादा दिन नहीं टिकेगी: पायलट प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट ने कहा कि 2028 में फिर से वैसी ही लड़ाई लड़नी है जैसी 2018 में लड़ी थी। मैं आज की बारिश में भी यहां आए कार्यकर्ताओं को नमन करता हूं। यही कांग्रेस की असली ताकत है। किसान खाद के लिए तरस रहे, बच्चों का भविष्य खतरे में: भूपेश पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि प्रदेश के किसान एक बोरी खाद के लिए तरस रहे हैं। न तो उन्हें डीएपी मिल रहा है न ही एनपीके। वहीं भाजपा शासनकाल में स्कूली बच्चों का भविष्य खतरे में है। प्रधानमंत्री लगातार विदेश घूम रहे हैं, लेकिन किसानों को खाद उपलब्ध नहीं करा पा रहे हैं। भूपेश ने कहा कि बस्तर में 35-40 हजार युवक नक्सलियों के नाम पर बस्तर छोड़ने को तैयार हैं। जब पहलगाम की घटना हुई तब राहुल और खरगे देश के लिए खड़े हुए लेकिन पीएम चुनाव प्रचार में चले गए। 2028 में सरकार को उखाड़ फेंकना है: दीपक बैज पीसीसी चीफ दीपक बैज ने कहा कि बस्तर में जल, जंगल और जमीन बेची जा रही है। इस बरसते पानी में भी हमारे कार्यकर्ता नाव से अपने गांव की नदी पार करके रायपुर आए हैं। उन्होंने कहा कि 2028 में इस सरकार को उखाड़कर फेंकना है।

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