राजनांदगांव के नवनिर्मित गायत्री शक्तिपीठ में गुरु पूर्णिमा का पर्व धूमधाम से मनाया गया। शक्तिपीठ में 9 जुलाई से सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक अखंड मंत्र जाप का आयोजन किया गया। गायत्री शक्तिपीठ के मुख्य प्रबंध ट्रस्टी सूर्यकांत चितलांग्या और निर्माण ट्रस्टी बृजकिशोर सुरजन ने बताया कि गुरुदेव श्रीराम शर्मा आचार्य की श्रद्धा-भक्ति के साथ पूजा की गई। गुरुदेव अखिल विश्व गायत्री परिवार के संस्थापक थे। उन्होंने वेद, उपनिषद और भारतीय दर्शन को सरल भाषा में जनसाधारण तक पहुंचाया। 5 कुंडीय गायत्री महायज्ञ का आयोजन इसी दिन भगवान वेदव्यास की जयंती भी व्यास पूर्णिमा के रूप में मनाई गई। वेदव्यास 4 वेद, 18 पुराण और 108 उपनिषद के रचयिता हैं। व्यवस्थापक ओमप्रकाश के अनुसार, 10 जुलाई को सुबह से मां गायत्री की पूजा-अर्चना की गई। वैदिक मंत्रोच्चार के साथ 5 कुंडीय गायत्री महायज्ञ और विभिन्न संस्कार संपन्न हुए। राजनांदगांव जिले और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में भक्त शक्तिपीठ पहुंचे। सभी भक्तों को महाप्रसाद का वितरण किया गया। इसके अलावा, मां पाताल भैरवी मंदिर में बर्फानी सेवा समिति द्वारा भी गुरु पूर्णिमा पर विशेष कार्यक्रम और महाभंडारे का आयोजन किया गया।


