भास्कर न्यूज | मनेंद्रगढ़ कलेक्टर डी. राहुल वेंकट के निर्देश पर जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ) से होने वाले निर्माण और अन्य कार्यों की भुगतान प्रक्रिया में बदलाव किया गया है। यह नई व्यवस्था वित्तीय वर्ष 2024-25 से लागू होगी। इसका उद्देश्य कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना और जनता को स्थायी लाभ देना है। अब तक निर्माण कार्यों में पहली किस्त 40 प्रतिशत और दूसरी किस्त कार्य मूल्यांकन या विभागीय मांग पत्र के आधार पर दी जाती थी। लेकिन आंगनबाड़ी और स्कूल भवन जैसे कार्य मानसून से पहले पूरे हो जाते हैं, जिनकी गुणवत्ता वर्षा के बाद ही सामने आती है। लगातार मिल रही शिकायतों को देखते हुए यह नई प्रक्रिया तय की गई है। नई व्यवस्था के तहत पहली किस्त 40 प्रतिशत होगी। इसके लिए विभाग को कार्य प्रस्ताव, तकनीकी प्रतिवेदन, निरीक्षण रिपोर्ट, स्थल का जियो टैग फोटो, नक्शा, खसरा, प्रस्तावित स्थल का विवरण और कार्य का औचित्य देना होगा। यदि कार्य निर्माण से अलग है तो उससे जुड़े सभी दस्तावेज भी देने होंगे। दूसरी किस्त 50 प्रतिशत होगी। इसके लिए विभागीय मांग पत्र, निरीक्षण प्रतिवेदन, कार्य की गुणवत्ता का प्रमाण पत्र, उपयोगिता प्रमाण पत्र, मूल्यांकन एमबी की प्रमाणित प्रति, कार्य का जियो टैग फोटो और संबंधित कार्यालय प्रमुख का सत्यापन जरूरी होगा। तीसरी और अंतिम किस्त 10 प्रतिशत होगी। इसमें विभागीय मांग पत्र, निरीक्षण प्रतिवेदन, उपयोगिता प्रमाण पत्र, कार्य पूर्ण होने का जियो टैग फोटो, कार्यालय प्रमुख का सत्यापन, कार्य की गुणवत्ता और पूर्णता प्रमाण पत्र तथा अंतिम मूल्यांकन एमबी की प्रमाणित प्रति अनिवार्य होगी। यह अंतिम भुगतान 1 नवंबर के बाद ही किया जाएगा।


