जंगल बचाने के लिए वन विभाग ने गुरुवार को खंडवा में अब तक की सबसे बड़ी अतिक्रमण हटाव मुहिम शुरू की। पहले दिन सुबह 8 बजे से रात 9 बजे तक की कार्रवाई में नाहरमाल, हीरापुर व टाकलखेड़ा में एक हजार एकड़ जंगल की जमीन मुक्त कराई गई। 50 जेसीबी से फसलें हटाकर 4 फीट गहरे व 5 फीट लंबे गड्ढे खोदे गए। इस दौरान 450 सुरक्षाकर्मी भी तैनात रहे, इस कारण अतिक्रमणकारी डर के चलते गायब रहे। वन अमले के साथ कलेक्टर, एसपी और प्रशासन की टीम भी मौजूद रही। अफसरों ने बताया सभी को नोटिस दिए गए थे। बावजूद उन्होंने फसल नहीं काटी, बल्कि खाली जमीन पर बुवाई कर दी। ग्रामीणों ने बताए अतिक्रमणकारियों के खेत सालों से वनों को बचाने की कवायद करने वाले ग्रामीण रामकरण पाल, अजीज खान, अरुण पटेल ने एसपी कलेक्टर को बताया कि कुख्यात अतिक्रमणकारी हीरापुर व कुमठा इलाके में रहते हैं। उन्होंने वन भूमि की 100-100 एकड़ जमीन कब्जे में ले रखी है। सबसे पहले वहां कार्रवाई करें। इस पर कलेक्टर ने उन्हें आश्वासन दिया कि कार्रवाई सभी जगह होगी। वन माफिया कर रहे वसूली कलेक्टर अनूप कुमार सिंह ने कब्जाधारियों से कहा कि इस क्षेत्र को फिर से वन बनाने के लिए बीज फेंके जाएंगे। लीडरशिप करने वाले रुपया वसूलकर आपको अपराधी बनवा रहे हैं। 13 दिसंबर 2005 के पहले जो वन क्षेत्र में काबिज वह जीवन यापन के लिए दावा कर सकते हैं। उसके बाद के कब्जाधारी अधिकारी नहीं होंगे। इसलिए बार-बार जमीन पर कब्जा करना छोड़े।


