झारखंड में लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए हेल्थ सर्किट बनेगा। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने गुरुवार को उच्चस्तरीय बैठक में अफसरों को इस दिशा में काम करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि राज्य के सभी मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पतालों का हेल्थ सर्किट बनाएं ताकि जरूरत के हिसाब से मरीजों को एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल में शिफ्ट किया जा सके। इससे किसी एक अस्पताल पर मरीजों का दबाव नहीं पड़ेगा। इसके लिए जरूरी है कि सभी अस्पतालों में इलाज की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होनी चाहिए। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से कहा कि सभी सरकारी अस्पताल सप्ताह के सातों दिन 24 घंटे कार्यशील होना चाहिए। यहां डॉक्टर और पैरा मेडिकल कर्मचारी हमेशा उपलब्ध होना चाहिए, ताकि जब भी मरीज आएं तो उनका तत्काल इलाज सुनिश्चित हो सके। सीएम ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र व जिला अस्पतालों को और बेहतर बनाने को कहा। साथ ही वहां अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में भी पहल करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सभी जिला अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की सेवा उपलब्ध कराएं। ऐसी व्यवस्था करें कि मरीजों को भटकना न पड़े ये निर्देश भी दिए…
रिम्स की व्यवस्था बेहतर बनाएं।
क्षेत्रीय नेत्र संस्थान हर हाल में फरवरी तक शुरू हो।
सभी ओपीडी और जांच सुविधा एक ही बिल्डिंग में हो।
अस्पतालों में अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरण लगाएं।
विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति प्रक्रिया जल्द पूरी करें।
रिम्स में इलाज के बाद मरीजों को देखभाल के लिए सदर अस्पताल शिफ्ट करें।
रिम्स में जिन विभागों पर मरीजों का बोझ, उन्हें सदर अस्पताल शिफ्ट करें।
रिम्स में अवांछित तत्वों के प्रवेश पर रोक लगाएं, सुरक्षा दुरुस्त करें। स्वास्थ्य सुविधाओं में बढ़ोतरी के लिए सरकार की पहल, सीएम ने दिए आदेश कैंसर मरीजों का डेटा तैयार करें : हेमंत सोरेन ने कहा कि कैंसर के मरीज भी तेजी से बढ़ रहे हैं। यह बीमारी लोगों को काफी तेजी से अपनी गिरफ्त में लेता जा रहा है। ज्यादातर कैंसर मरीज इलाज के लिए राज्य से बाहर बड़े अस्पतालों में जाते हैं। इसलिए राज्य में कैंसर मरीजों का पूरा डेटा तैयार करें, ताकि उनके बेहतर इलाज की दिशा में सरकार आगे बढ़ सके। 5 नए मेडिकल कॉलेजों को कार्यशील बनाएं: मुख्यमंत्री ने राज्य के पांच नए मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के निर्माण कार्य की प्रगति की जानकारी भी ली। उन्होंने कहा कि इन सभी मेडिकल कॉलेजों को जल्द से जल्द पूरी तरह से कार्यशील करें, ताकि मरीजों को रिम्स या अन्य बड़े अस्पतालों में रेफर करने की व्यवस्था नियंत्रण में रहे। उन्होंने सुदूर और दूरस्थ ग्रामीण इलाकों में स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के बेहतर संचालन के लिए भी ठोस कदम उठाने की जरूरत बताई, जिससे मरीजों केा सामान्य बीमारियों के इलाज के लिए इधर-उधर न भटकना पड़े। किडनी मरीजों के पेरिटोनियल डायलिसिस की व्यवस्था करें: मुख्यमंत्री ने कहा कि किडनी के मरीजों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। अस्पतालों में डायलिसिस के लिए मरीजों को लंबा इंतजार करना पड़ता है। इससे डॉक्टरों और पैरा मेडिकलकर्मियों की व्यस्तता भी काफी बढ़ जाती है। इसलिए किडनी मरीजों के पेरिटोनियल डायलिसिस के लिए सभी जरूरी दवा और उपकरण उपलब्ध कराने की व्यवस्था करें। ताकि मरीज अपने घर पर खुद डायलिसिस कर सके।


