विजय सिंह| आनंदपुर नए साल से पहले ही लोगों में पिकनिक को लेकर चौक-चौराहो पर चर्चा बढ़ने लगी है। युवा वर्ग अभी से पिकनिक मनाने के लिए स्थलों का चयन करने में लगा हुआ है। ऐसे में पिकनिक के साथ-साथ मनमोहक दृश्य का नजारा के लिए आनंदपुर प्रखंड का नाम लोगों की जुबां पर आ ही जाता है। यहां कई ऐसे मनमोहक एवं दर्शनीय स्थल हैं, जो बड़े पर्यटक स्थलों से कमतर नहीं हैं। इसे देखने के लिए देश के विभिन्न स्थानों से सैलानी यहां पहुंचते हैं तथा अपनी यादों में संजोए रखने के लिए खूबसूरत नजारों को कैमरे में कैद कर ले जाते हैं। दूसरी ओर समीज के निकट पार्लिपोस में स्थित विश्व कल्याण आश्रम दर्शनीय व आध्यात्मिक स्थल के नाम से पूरे विश्व में प्रसिद्ध है। यहां काली कोकिला संगम तट है। यहां दूर-दूर से सैलानी पिकनिक मनाने पहुंचते हैं। संगम तट पर कोयल और कोयना नदियों का संगम स्थल भी है। इसे दो नदियों के बीच लगभग 500 मीटर गहरे पानी में विभिन्न प्रजातियों की मछलियां पाई जाती हैं। मछवारे नाव के सहारे जाल से मछली पकड़ते रहते हैं। दूसरी ओर मनोहरपुर से रांची मुख्य सड़क पर मनोहरपुर से 10 किमी की दूरी पर अवस्थित खुदपोस व वन शक्ति मंदिर पिकनिक स्थल है। यहां भी जनवरी से फरवरी माह तक सैलानियों की कतार लगी रहती है। खुदपोस से वन शक्ति कोयल नदी के बीचोंबीच लगभग 1 किमी के दायरे में 200 मीटर की चौड़ाई में टापू अवस्थित है। जहां घंटों बैठकर प्रकृति की सुंदरता को निहारा जा सकता है। इसका दृश्य दिल को छू लेना वाला है। पिकनिक स्थलों पर दूर-दराज से पहुंचे सैलानियों से उनकी राय जानने की कोशिश की गई कि अधिकतर लोग पिकनिक के लिए इस क्षेत्र का ही चयन क्यों करते है? सैलानियों ने बताया कि यहां के पिकनिक स्पॉट पहुंचने के लिए मशक्कत करने की जरूरत नहीं पड़ती है। सैलानियों को मनोहरपुर में स्थित हावड़ा-मुंबई रेल मार्ग से मनोहरपुर रेलवे स्टेशन से उतर कर निजी व किराए के वाहनों से विभिन्न पिकनिक स्थलों तक जाया जा सकता है।


