राजा राय| चाईबासा कोल्हान प्रमंडल मुख्यालय में अवस्थित चाईबासा का ऐतिहासिक मंगला हाट सब्जी मंडी में आज से करीब 30 वर्ष पहले 1995-96 में बाजार के पूर्वी व अन्य हिस्सों में ईंट व सीमेंट के पिलर पर पक्के शेड का निर्माण किया गया था। जिसके नीचे बैठकर ग्रामीण व शहरी क्षेत्र के विक्रेता सब्जी बेचते हैं। ऊपरी भाग में सीमेंट व टीन का करकट लगाया गया था। वर्तमान समय में पूर्वी हिस्से में निर्मित कई कई शेड काफी जर्जर हाल में हैं। पिलर में सीमेंट, बालू व गिट्टी नहीं के बराबर बच गया है। कई पिलर गिर चुके हैं अथवा लटके हुए हैं। जो कभी भी गिर सकते हैं। वहीं शेड का करकट या तो टूट गए हैं या फिर गायब हैं। सब्जी विक्रेता जुगाड़ तकनीक से प्लास्टिक की तिरपाल लगाकर काम चला रहे हैं। गर्मी व बरसात के दिनों में सबसे ज्यादा दिक्कत ग्रामीण क्षेत्र से आने वाले सब्जी विक्रेताओं को झेलनी पड़ती है। जबकि बाजार में बैठने के लिए महसूल अन्य लोगों की तरह ये भी अदा करते हैं। सुविधा के नाम पर कुछ नहीं। शेड के जर्जर अवस्था में होने के कारण कई लोगों के ऊपर शेड का मलवा गिर चुका है। 9 अगस्त को राजनगर के 45 वर्षीय उमेश महतो भिंडी बेचने बाजार आए थे। दोपहर 12 बजे के आसपास हल्की बारिश व मेघ गर्जन के दौरान शेड का एक हिस्सा उनके ऊपर गिर गया था। आनन-फानन में सदर अस्पताल की एंबुलेंस के जरिए उन्हें अस्पताल में एडमिट कराया गया था। उनके सिर, छाती, पीठ व शरीर के अन्य हिस्से में काफी चोट लगी थी। मंगला हाट के दक्षिणी भाग व शेष भाग का टेंडर गंगा प्रसाद गुप्ता द्वारा सबसे अधिक 23 लाख 2 हजार 1 सौ रुपए की बोली लगाकर 12 माह के लिए टेंडर लिया गया है। इनके अलावा विशाल गुप्ता टेंडर प्रक्रिया में भाग लिए थे। शेड जानलेवा हो चुका है। जब बड़े पैमाने पर जानमाल की क्षति होगी तब जाकर जिम्मेदार लोगों की नींद खुलेगी। संतोष डे, सचिव, खुदरा सब्जी विक्रेता संघ, मंगला हाट, चाईबासा।


