रांची | रांची में कई ऐसे झरने हैं जो कम चर्चित हैं और लोग वहां तक नहीं पहुंच पाते। रांची मॉर्निंग राइडर्स की टीम ऐसे ही झरनों की तलाश में रहती है। टीम के सदस्य मनोज जायसवाल ने बताया कि रांची से 50 किमी के अंदर कई हिडेन या कम चर्चित झरने हैं, जहां प्रकृति की सुंदरता का लुत्फ उठाया जा सकता है। निमी वाटरफॉल रांची से दूरी : 30 किमी झरने तक पहुंचने के लिए आपको मोरहाबादी से कुच्चू व सुथरपुर होकर करीब 30 किमी जाना पड़ेगा। इसकी ऊंचाई और खूबसूरती देखकर आपको मसूरी का कैम्पटी फॉल की याद आ जाएगी। पहुंचने के लिए आधा किमी ट्रैकिंग करनी पड़ेगी। पुटदाग वाटरफॉल रांची से दूरी : 40 किमी घनघोर जंगल के बीच में स्थित पुटदाग वाटरफॉल या छोटा हुंडरू फॉल तक पहुंचना काफी कठिन है। अनगड़ा प्रखंड में जोन्हा से आगे एक स्कूल मोड़ आता है, वहां से बाएं मुड़ जाना है, फिर वहां से 20 किमी के बाद सुरसु घाटी उसके बाद कुतुरलोवा, महुआ बेड़ा, फिर उसके बाद लगभग 2 किलोमीटर की ट्रैकिंग। वहां पहुंचते ही सारी थकान छू मंतर हो जाएगी। फुकेट के फीफी आईलैंड के मंकी बे गए होंगे तो वहां के दोनों तरफ खड़े पहाड़ व उसके बीच बहता पानी याद होगा, बिल्कुल ऐसा ही है यह। बाघलता वाटरफॉल, रांची से दूरी : 44 किमी फिरायालाल चौक से करीब 44 किमी दूर स्थित बाघलता वाटरफॉल अभी तक बहुत ही कम एक्सप्लोर हुआ है। यह झरना चलैनिया के जंगल में अवस्थित है। यहां का प्राकृतिक नजारा अद्भुत है। यह फॉल काफी ऊंचाई से तीन चरणों में गिरता है। यहां पहुंचने के लिए पतरातू के चैनगढ़ा वेली होते हुए पहुंचा जा सकता है। बड़े पत्थरों के बीच गिरता पानी सभी पर्यटकों का मन मोह लेता है। रांची मॉर्निंग राइडर्स के मनोज जायसवाल, ज्ञान, निशांत, अनिल, डॉ. संगीता, मुकेश, सचिन, आशीष, सतीश व हर्ष। चलो पिकनिक : रांची मॉर्निंग राइडर्स के सदस्य बता रहे हैं शहर से 50 किमी के अंदर स्थित 3 कम चर्चित वाटरफॉल, ये ट्रैकिंग के लिए हैं बेस्ट


