भास्कर न्यूज | बालोद शुक्रवार को मानव कल्याण संस्थान गुंडरदेही द्वारा आयोजित कार्यक्रम में 100 गांवों से आए 300 से अधिक लोगों ने जीवन विद्या का महत्व समझा। कार्यक्रम में जीवन विद्या आधारित शिक्षा, गुरु की भूमिका और मानव कल्याण पर चर्चा हुई। जीवन विद्या एक ऐसी शिक्षा प्रणाली है जो मानव मूल्यों, नैतिकता, और आध्यात्मिक विकास पर केंद्रित है। गुरु, इस शिक्षा प्रणाली में, एक मार्गदर्शक की भूमिका निभाते हैं, जो छात्रों को ज्ञान प्रदान करने के साथ-साथ उनके व्यक्तिगत और आध्यात्मिक विकास में भी मदद करते हैं। इस प्रकार की शिक्षा का उद्देश्य मानव कल्याण को बढ़ावा देना है, जिससे व्यक्ति और समाज दोनों का विकास हो सके। मानवीय शिक्षा शोध केंद्र तेंदुवाही के संचालक शिक्षक गेंदलाल कोकडिया ने कहा कि गुरु, गुरु बनाते हैं, चेला नहीं। गुरु दान-दक्षिणा नहीं मांगते, शिष्य स्वयं समर्पित करता है। असली दक्षिणा तब होती है जब शिष्य भी गुरु बन जाए। गुरु का जीवन प्रमाणिकता से सफल होता है। वे न्याय, धर्म और सत्य का मार्ग दिखाते हैं। प्रकृति, मानव और पर्यावरण के साथ संतुलन को महत्व देते हैं। कोकडिया ने बताया कि गुरु प्रसाद बाबा ने जयपुर, राजिम नयापारा, सांकरीपारा और गुंडरडेही में चार आश्रम समाज के सहयोग से मानव समाज की जागृति के लिए बनवाए हैं। मानव का महत्व बताते हैं गुरु कार्यक्रम के आयोजक गुरु प्रसाद बाबा और चेतन मानव ने कहा कि जो मानव समाज को जागृत करे, वही सच्चा गुरु होता है। मानव को मानव का महत्व समझाना ही गुरु का कार्य है। गुरु छात्रों को सही और गलत में भेद करने, मूल्यों को समझने, और एक जिम्मेदार नागरिक बनने में मार्गदर्शन करते हैं। उनकी आंतरिक क्षमता को पहचानने और उसे विकसित करने में मदद करते हैं। जब व्यक्ति अपने जीवन मूल्यों को समझता है और उन्हें अपने जीवन में लागू करता है, तो वह अधिक सुखी और संतुष्ट होता है। लोग इन मूल्यों को अपनाते हैं, तो समाज भी अधिक सामंजस्यपूर्ण और प्रगतिशील बनता है। सर्वांगीण विकास पर जोर दिया यह शिक्षा प्रणाली व्यक्ति के सर्वांगीण विकास पर जोर देती है, जिसमें बौद्धिक, भावनात्मक, सामाजिक, और आध्यात्मिक पहलू शामिल हैं। इसका उद्देश्य छात्रों को जीवन के सत्यों को समझने और उन्हें अपने जीवन में लागू करने में मदद करना है। यह शिक्षा प्रणाली छात्रों को मूल्यों, नैतिकता, और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करने में मदद करती है। छात्रों को जीवन की चुनौतियों का सामना करने और एक सार्थक जीवन जीने के लिए तैयार करती है। गुरु छात्रों के लिए एक मार्गदर्शक, परामर्शदाता, और प्रेरणास्रोत होते हैं।


