सियाराम शरण वर्मा| गढ़वा एकल अभियान के गढ़वा अंचल ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए जिले के 10 प्रखंडों में संचालित अपने 300 विद्यालयों वाले गांवों में 50,000 फलदार व इमारती वृक्षों का पौधरोपण करने की योजना बनाई है। यह अभियान पर्यावरण संतुलन बनाए रखने, हरियाली बढ़ाने और भावी पीढ़ी को स्वच्छ वातावरण देने के उद्देश्य से शुरू किया गया है। इस अभियान की शुरुआत विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर समाहरणालय परिसर में की गई, जहां उपायुक्त ने पौधरोपण कर इसकी शुरूआत की। उसी दिन संस्था ने गढ़वा जिले में विभिन्न स्थानों पर लगभग 3,000 पौधों का रोपण भी किया। संस्था की योजना के अनुसार, गढ़वा जिले के गढ़वा, रंका, रामकंडा, चिरिया, डंडई, मेराल, रमना, बिशुनपुरा, बंशीधर नगर एवं माझिआंव प्रखंडों में संचालित एकल विद्यालयों के 300 गांवों में 175-175 पौधे वितरित किए जाएंगे। इन पौधों को गांव के हर क्षेत्र में-विद्यालय परिसर, सार्वजनिक स्थल, सड़क किनारे, वनों के समीप और बंजर भूमि में-लगाया जाएगा, ताकि अधिकतम संख्या में पौधे पनप सकें और पर्यावरण को लाभ पहुंचे। पौधों की देखरेख की जिम्मेदारी गांव में कार्यरत एकल विद्यालय के आचार्य, विद्यालय समिति तथा ग्रामवासियों की संयुक्त टीम को सौंपी गई है। संस्था यह सुनिश्चित करेगी कि लगाए गए पौधों की नियमित निगरानी, पानी देना और आवश्यक देखभाल की जाए, ताकि पौधरोपण केवल औपचारिकता बनकर न रह जाए बल्कि हर एक पौधा भविष्य में फलदार या छायादार वृक्ष के रूप में विकसित हो। संस्था के गढ़वा अंचल अध्यक्ष डॉ. पतंजलि केसरी ने कहा कि आगामी एक महीने के भीतर 50,000 पौधे लगाने का लक्ष्य प्राप्त कर लिया जाएगा। इस कार्य में समाज के सभी वर्गों, विशेष रूप से युवाओं, किसानों और महिलाओं से सहयोग की अपील की गई है। उनका मानना है कि जब समाज स्वयं अपने गांवों की हरियाली के लिए आगे आएगा, तभी यह अभियान पूर्णतः सफल होगा और जिले में एक हरित क्रांति की नींव रखी जा सकेगी।


