भास्कर न्यूज|कांडी 59 सालों के काफी लंबे इंतजार के बाद मोटी राशि खर्च कर खुदाई, सफाई व आधे अधूरे पक्कीकरण के बाद इस वर्ष चिर प्यासे खेतों को पानी मिलने की उम्मीद जगी थी। लेकिन किसानों की यह उम्मीद भी मनमानी ठेकेदारी के कारण टूटती प्रतीत हो रही है। क्योंकि सरकार की महत्वाकांक्षी योजना बायीं बांकी सिंचाई परियोजना का निर्माण आज भी अधूरा पड़ा हुआ है। इसके नहर का जीर्णोद्धार व पक्कीकरण का कार्य पूरा नहीं कर निर्माण कंपनी कागजों पर पूरा दिखाकर चली गई। क्षेत्र के दर्जनों ग्रामीणों ने मीडिया के माध्यम से मांग किया है कि अभी भी उक्त नहर में दर्जनों स्थानों पर अवरोध है। जिसे हटाया नहीं गया है। जिस कारण नहर का पानी सीधे नहर में प्रवाहित न होकर अगल बगल के खेत में व लोगों के घरों से होकर बह रहा है। सबों ने बताया कि नहर के सभी अवरोधों को हटाने व नहर की सफाई कराना सख्त जरूरी है। जिससे नहर का पानी नहर में ही बहे। सतबहिनी झरना तीर्थ स्थल के मुख्य गेट के पास लगभग 50 फीट की लंबाई में नहर की खोदाई ही नहीं की गई है। यह नहर पश्चिम से पूरब की ओर बहती है। लेकिन सतबहिनी गेट के पास नहर बंद है। निर्माण कंपनी द्वारा वहां पर न पुलिया बनाई गई और न ह्यूम पाइप ही दी गई। इस जगह पर नहर का पानी पूरब की ओर नहर में न जाकर अगल बगल के खेत में व सड़क पर बहता है। वहीं पर बगल में रहने वाले लल्लू यादव के घर में नहर का पानी भर जाता है। 165 करोड़ की लागत से हरदेव कंस्ट्रक्शन के द्वारा उक्त नहर का जीर्णोद्धार व पक्कीकरण का कार्य किया गया है। भवनाथपुर|सिंघीताली निवासी श्यामसुंदर मेहता ने मकरी पंचायत के मुखिया पति धनंजय साह के खिलाफ फलदार पौधरोपण स्थल पर आकर गाली-गलौज करने हुए-हाथ पैर तोड़ने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाते हुए स्थानीय थाना में लिखित आवेदन सौंपकर जानमाल की सुरक्षा का गुहार लगाई है। आवेदन उन्होंने उल्लेख किया है कि सरकार ओर से महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना के तहत मेरी पत्नी पानपति देवी के नाम से फलदार पौधरोपन का कार्य ग्राम पंचायत मकरी के टोला पटनी दामर में मिला है, जिसमें 23 गढ्ढ़े की खोदाई भी की गई है। बीते 12 जुलाई 25 दिन शनिवार की शाम करीब 5.30 बजे को मकरी निवासी मुखिया पति धनंजय साह पिता बैजनाथ साह बिना नंबर प्लेट के बाइक से योजना स्थल पर पहुंच कर योजना में खोदे गए गढ्ढ़े को गिनने लगा और कहा कि यह एरिया तो चपरी पंचायत का है, तो मैंने बोला कि इस योजना के रेकड में जो चेकस्लीप लगा है, वह मकरी पंचायत का लगा है। उसने गाली-गलौज देते हुए कहा कि तुम ग्रामीण विकास मंत्री के पास चले जाते हो, हम तुम्हारा हाथ-पैर तोड़ देंगे और फिर योजना स्थल पर दिखाई नहीं देना वरना मरवाकर फेंकवा दूंगा। भास्कर न्यूज | उंटारी रोड वृद्धावस्था पेंशन पाने वाले लाभुकों को केवाईसी कराना अनिवार्य है। प्रखंड कार्यालय में भीड़ बढ़ने से परेशानी हो रही है। बीडीओ श्रवण कुमार भगत ने कहा कि लाभुक अपने पंचायत सचिवालय में स्थित सीएसपी में केवाईसी कराएं। इसके बाद संबंधित दस्तावेज प्रखंड कार्यालय में जमा करें। इससे पेंशन निर्बाध रूप से मिलती रहेगी। बीडीओ ने बताया कि केवाईसी एक सामान्य प्रक्रिया है। इसका उपयोग व्यक्ति की पहचान और पते की पुष्टि के लिए किया जाता है। बिना केवाईसी के पेंशन रुक सकती है। सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि पेंशन सही व्यक्ति को मिले। इसलिए सभी लाभार्थी जल्द से जल्द केवाईसी प्रक्रिया पूरी करें। केवाईसी के लिए आधार कार्ड, बैंक खाता विवरण और अन्य जरूरी दस्तावेज लगते हैं। इसके लिए लाभुकों को सीएसपी जाना होगा। पड़वा | प्रखंड के कजरी, बटसारा, मेराल, सरैया और सदर प्रखंड के सिंगरा कला गांव से दर्जनों कांवरियों का जत्था देवघर के लिए रवाना हुआ। जत्था के सदस्य अशोक सिंह ने बताया कि पहला सोमवारी को देवघर स्थित भोले बाबा के मंदिर में जलाभिषेक किया जाएगा। इसके बाद कांवरिए बोधगया, राजगीर, बासुकिनाथ, तारापीठ और रजरप्पा का भ्रमण करेंगे।


