सावन की आज पहली सोमवारी है। भक्त सुबह से ही शिवालयों में लंबी कतार में लगे हैं। देवघर में भी सावन की पहली सोमवारी पर श्रद्धलाुओं की लंबी कतार लग रही है। भक्त लाइन में खड़े होकर बम भोले का जयकारा लगा रहे हैं। देवघर में तड़के सुबह 3 बजे मंदिर का द्वार खुलते ही बोल बम के जयकारों से पूरा मंदिर गूंज रहा है। पट खुलने के बाद कांचा जल और प्रातः कालीन पूजा किया गया। इसके बाद 4 बजे से कांवरियों ने जल चढ़ाना शुरू किया है। हर मिनट में 125 लोग मंदिर के अंदर अर्घ्या में जल चढ़ा रहे हैं। बाहरी अर्घ्या में हर मिनट 30-40 श्रद्धालु जल चढ़ा रहे हैं। अब तक 30 हजार से अधिक श्रद्धालु जल चढ़ा चुके हैं। इसको लेकर जिला प्रशासन ने पुख्ता तैयारी की है। पहली सोमवारी को 3 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के जल चढ़ाने का अनुमान है। इसको लेकर लंबी लाइन लग सकती है। अभी तक तीन दिनों में 3.50 लाख से अधिक श्रद्धालु जल चढ़ा चुके है। पिछले साल 48 लाख लोगों ने जल चढ़ाया था। इस साल 50 लाख से अधिक लोगों के जल चढ़ाने का अनुमान है। कुछ तस्वीरें देखिए… एक महीने तक VIP दर्शन बंद जिला कलेक्ट्रेट नमन प्रियेश लकड़ा ने सोमवार की तैयारी को लेकर भास्कर से बात की। उन्होंने बताया कि इस बार मेले की तैयारी बाकी साल की तुलना में बेहतर की गई है। एक महीने तक मेले में वीआईपी पूजा बंद है। इसके अलावा शीघ्र दर्शन की व्यवस्था भी रविवार और सोमवार को बंद रहेगी, ताकि आम श्रद्धालु भी दर्शन कर सके और जल चढ़ा सके। जिला कलेक्ट्रेट ने बताया कि पूरे मेले की व्यवस्था को मैनेज करने के लिए बिहार और झारखंड के बॉर्डर के जिला प्रशासन के साथ समन्वय बना कर हम कांवरियों को काउंट करते है। इसके अलावा देवघर में भी टोकन से कांवरियों की काउंटिंग की जाती है। बस और ट्रेन से आने वाले श्रद्धालुओं का भी हेड काउंट AI कैमरे की मदद से किया जा रहा है। हेवी क्राउड वाले एरिया को डिटेक्ट करेगा AI शहर में AI कैमरे लगाए गए है। यह कैमरा हेवी क्राउड वाले एरिया को तुरंत डिटेक्ट करता है। जिसके बाद ड्यूटी पर लगे पुलिस वाले और ट्रैफिक पुलिस उस एरिया में क्राउड मैनेज करती है। जो श्रद्धालु जल चढ़ा लेते है, वो लोग मेले से बाहर निकलते रहे, इसको लेकर भी लगातार मॉनिटरिंग की जाती है। देवघर शहर के बाहर कई टेंट सिटी बनाए गए है, जहां श्रद्धालु ठहर सकते है। इसके अलावा शहर के बाहर ही पार्किंग बनाया गया है।


