भास्कर न्यूज| महासमुंद हत्या के मामले में अपराध दोष सिद्ध होने पर प्रथम सत्र न्यायाधीश संघपुष्पां भतपहरी ने धारा 302 के तहत हत्या के अपराध के लिए बागबाहरा थाना क्षेत्र के ग्राम घुंघुचापाली निवासी 25 वर्षीय राजेंद्र कुमार ठाकुर पिता बीरेंद्र उर्फ बेन्दुल ठाकुर को आजीवन कारावास और 1 हजार रुपए अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड की राशि नही पटाने पर 1 वर्ष का सश्रम कारावास पृथक से भुगतना होगा। इसी तरह 25-27 आर्म्स एक्ट के अपराध में 7-7 वर्ष के सश्रम कारावास और 10 – 10 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड की राशि नहीं पटाने पर एक – एक वर्ष का सश्रम कारावास पृथक से भुगतना होगा। सभी सजाएं साथ-साथ चलेगी अतिरिक्त लोक अभियोजक नरेंद्र कुमार साहू ने पैरवी की। मिली जानकारी के अनुसार 8 अक्टूबर 2021 को जमुना बाई ने बागबाहरा थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसकी बड़ी पुत्री जिमेश्वरी उर्फ धरमिन बाई ने 6-7 वर्ष पूर्व ग्राम घुंचापाली के राजेंद्र कुमार ठाकुर के साथ प्रेम विवाह किया था। जिससे उनकी दो संताने है। शादी के बाद से दोनों पति-पत्नी के बीच आए दिन झगड़ा होता रहता था। तबीयत खराब होने पर जिमेश्वरी 8 अक्टूबर 2021 को दोपहर 1 बजे घर आई थी। शाम साढ़े 5 बजे जिमेश्वरी सोई हुई थी। उसी समय उसका दामाद राजेंद्र ठाकुर चाकू लेकर आया और उसकी पुत्री से कहा कि तुम बार-बार अपनी मां के यहां आ जाती हो, कहकर अश्लील गालियां देते हुए जान से मार दूंगा कहकर चाकू से उस पर जानलेवा हमला कर दिया। जिससे उसकी पुत्री लहुलुहान हो गई। बीच बचाव करने के दौरान उसका दामाद वहां से भाग गया। गंभीर रूप से महिला को बागबाहरा अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां से उसे रायपुर रेफर किया गया। इलाज के दौरान 21 अक्टूबर को शाम में उसकी मौत हो गई।


