भारतीय जनता पार्टी के संगठन चुनाव में गुरुवार को शहर के नए जिलाध्यक्ष के लिए रायशुमारी की प्रक्रिया पूरी की गई। इस दौरान शहर के चुनिंदा 58 नेताओं को रायशुमारी के लिए आमंत्रित किया गया था, इनमें से 47 ने पार्टी कार्यालय मुखर्जी भवन पहुंचकर नए जिलाध्यक्ष के लिए अपनी राय दर्ज कराई। लगभग ढाई घंटे तक चली इस प्रक्रिया के बाद नेताओं द्वारा दिए गए नामों की पर्चियों को चुनाव अधिकारी प्रदीप लारिया और पर्यवेक्षक सुरेश आर्य ने लिफाफे में बंद कर दिया।
भाजपा कार्यालय मुखर्जी भवन में दोपहर दो बजे से रायशुमारी के लिए कार्यकर्ताओं काे आमंत्रित किया गया था। कार्यकर्ताओं से पहले जिलाध्यक्ष की दावेदारी करने वाले कार्यकर्ता कार्यालय पहुंच गए और उन्होंने रायशुमारी के लिए आने वाले प्रत्येक कार्यकर्ता से खुद का नाम पर्ची पर लिखने के लिए आग्रह किया। पार्टी मुख्यालय के नीचे भी दावेदार अलग-अलग झुंडों में कार्यकर्ताओं को घेरकर खड़े दिखाई दिए।
दिल्ली में नेताओं की सहमति से तय होगा नाम
रायशुमारी के दौरान सामने आए दावेदारों के नाम के बाद इन नामों का पैनल तैयार कर दिल्ली भेजा जाएगा। यहां प्रदेश के प्रमुख नेता केंद्रीय नेताओं के साथ बैठकर एक नाम तय करेंगे। इस नाम को तय करने के लिए केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, उद्यानिकी मंत्री नारायण सिंह कुशवाह, सांसद भारत सिंह कुशवाह, पूर्व सांसद विवेक शेजवलकर और पूर्व मंत्री माया सिंह आदि की सहमति बनाने का प्रयास किया जाएगा।
ये रहे प्रमुख दावेदार रायशुमारी के दौरान नए जिलाध्यक्ष के रूप में जो प्रमुख दावेदार सामने आए हैं, उनमें ब्राह्मण समाज के शैलेंद्र बरुआ, जयप्रकाश राजौरिया और दीपक शर्मा शामिल हैं। क्षत्रिय समाज से रामेश्वर भदौरिया और अशोक जादौन, वैश्य समाज से पारस जैन, विनय जैन और प्रमोद खंडेलवाल का नाम सामने आया है। इसके अलावा पिछड़े वर्ग के प्रतिनिधि के रूप में धर्मेंद्र राणा का नाम चर्चा में है। इसके अलावा वरिष्ठ नेता रविंद्र राजपूत, उपेंद्र सिंह बैस, सुशील वर्मा, कनवर मंगलानी आदि ने भी दावेदारी की।


