वन और राजस्व भूमि के वेरीफिकेशन के लिए सर्वे जारी

भास्कर न्यूज | कवर्धा कबीरधाम जिले में वनभूमियों के चिह्नांकन और राजस्व अभिलेखों को अपडेट करने की प्रक्रिया तेज हो गई है। राज्य शासन और मुख्य सचिव के निर्देश पर जिले में वनभूमियों का संयुक्त सर्वे किया जा रहा है। इन्हें स्पष्ट रूप से चिन्हित कर अभिलेखों में दर्ज किया जाएगा। यह कार्य कलेक्टर और वन मंडलाधिकारी (डीएफओ) के अधीक्षण में हो रहा है। इसके तहत प्रपत्र-1 तैयार किया जाएगा। राजस्व और वन विभाग के अधिकारी प्रपत्र-2 और 3 की संयुक्त तैयारी करेंगे। डिप्टी कलेक्टर बीआर देवांगन ने बताया कि इन प्रपत्रों को भुइयां सॉफ्टवेयर और भू-नक्शों में अपडेट किया जाएगा। इसके बाद जियो-रेफरेंस फॉरेस्ट मैप तैयार किया जाएगा। इसकी अंतिम समय सीमा 30 सितंबर तय की गई है। जिला कार्यालय के सभाकक्ष में बैठक हुई। इसमें डिप्टी कलेक्टर बीआर देवांगन ने राजस्व और वन विभाग के अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए। 217 गांवों का सर्वे हो चुका डिप्टी कलेक्टर देवांगन ने बताया कि अब तक जिले के 357 में से 217 गांवों का सर्वे पूरा हो चुका है। कुल 3300 में से 1934 खसरा नंबरों का सर्वे किया गया है। लगभग 25 हजार हेक्टेयर राजस्व वन क्षेत्र में से 11847.54 हेक्टेयर का सर्वे पूरा हो चुका है। सुप्रीम कोर्ट का है आदेश डिप्टी कलेक्टर देवांगन ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट में पिटीशन लगी है। इस पर सुप्रीम कोर्ट से राज्य शासन और मुख्य सचिव से राजस्व व वन भूमि की जानकारी मांगी गई है। इसी के परिपालन में जिले में राजस्व जमीन और फारेस्ट जमीन का चिह्नांकन किया जा रहा है।

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