बिलासपुर में एनएचएम कर्मियों ने कोन्हेर उद्यान में धरना प्रदर्शन किया। प्रदेश के 16 हजार से अधिक एनएचएम कर्मियों की प्रांतव्यापी हड़ताल का पहला दिन है। कर्मचारियों ने जुलूस निकाला और कलेक्टोरेट पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। एनएचएम संघ के प्रांताध्यक्ष श्याममोहन दुबे ने बताया कि कर्मचारी पिछले 20 वर्षों से संविदा पर कार्यरत हैं। वे नियमितीकरण, ग्रेड-पे, मेडिकल अवकाश और पब्लिक हेल्थ कैडर की स्थापना सहित 10 सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। एनएचएम कर्मी बोले – कोरोना में जान दी, अब हक चाहिए कर्मचारियों ने अब तक सभी 90 विधायक और 16 सांसदों को ज्ञापन सौंपा है। कोरोना महामारी के दौरान एनएचएम कर्मियों ने जान जोखिम में डालकर प्रदेश की सेवा की। कई कर्मचारियों ने इस दौरान अपनी जान गंवाई। पिछले चार दिनों से कर्मचारी काली पट्टी बांधकर कार्यस्थलों पर विरोध दर्ज करा रहे हैं। संघ के प्रदेश अध्यक्ष दुबे ने बताया कि 100 से अधिक बार विभागीय अधिकारियों, मंत्रियों और मुख्यमंत्री तक मांगें पहुंचाई गईं। लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। जिलाध्यक्ष राजकुमार यादव ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार जल्द मांगें नहीं मानती तो आंदोलन उग्र होगा। इससे प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होंगी। इसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी।


