पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने बुधवार को रांची स्थित नेपाल हाउस में विभागीय कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विभागीय कर्मचारियों की उपस्थिति, कार्यप्रणाली और फाइलों के निस्तारण की स्थिति की जानकारी ली। इस क्रम में मंत्री ने पाया कि कुछ कर्मचारी बिना किसी सूचना के अनुपस्थित हैं और कुछ कर्मचारी समय पर कार्यालय में मौजूद नहीं थे। उन्होंने इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए ऐसे कुल 7 कर्मचारियों से स्पष्टीकरण मांगा। साथ ही उन्होंने विभागीय सचिव को जांच के निर्देश दिए हैं। मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने बताया कि वे 15 दिनांे बाद जब वे सचिवालय में अपने कक्ष में जा रहे थे। तब उन्हें कुछ असमान्य लगा। इसके बाद वे अपने कार्यालय कक्ष में न जाकर विभाग में चले गए। वहां पर कई लोग अनुपस्थित मिले। जबकि कुछ लोग देर से आए। देर से आने वाले लोगों ने बताया कि वे कोर्ट के काम से गए हुए थे। उन्होंने इसका साक्ष्य भी दिया। लेकिन जो लोग अनुपस्थित थे। वैसे सात लोगों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। साथ ही विभागीय सचिव को भी मामले की जांच करने को कहा गया है। अनुशासन जरूरी, लापरवाही बर्दाश्त नहीं मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने कहा कि जनता को पेयजल एवं स्वच्छता से जुड़ी सेवाएं समय पर उपलब्ध कराना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि ऑफिस में समयबद्ध उपस्थिति और जनता की समस्याओं के त्वरित निस्तारण के लिए कठोर अनुशासन लागू किया जाएगा। साथ ही निर्देश दिया कि काम में अनावश्यक देरी, फाइलों को रोकने और जिम्मेदारियों से बचने जैसी प्रवृत्तियों पर पूर्ण रोक लगाई जाए। विभाग को शून्य सहनशीलता की नीति के साथ कार्य करना होगा।


