एनसीएल ने रोक हटाई, एचईसी को मिलेगा 100 करोड़ का वर्क ऑर्डर

एचईसी से जुलाई में 10 करोड़ रुपए से अधिक के उत्पादों का होगा डिस्पैच कोल इंडिया की सहायक कंपनी नॉर्दर्न कोल फील्ड्स लिमिटेड (एनसीएल) ने एचईसी पर लगा प्रतिबंध हटा लिया है। अब एचईसी को एनसीएल से करीब 100 करोड़ रुपए का वर्क ऑर्डर मिलने की उम्मीद है। दरअसल एचईसी के पुनरुद्धार पर सरकार का विशेष जोर है। दो महीने में संसदीय समिति की तीन बैठकें हो चुकी हैं। हर बैठक में विश्वास दिलाया गया है कि एचईसी को बंद होने नहीं दिया जाएगा। कंपनियों से वर्क ऑर्डर देने की अपील की गई, ताकि इसकी आर्थिक स्थिति में सुधार हो। इसके बाद कंपनियों का एचईसी के प्रति विश्वास जगा है। इसी का नतीजा है कि अब एचईसी को भेल सहित कई कंपनियों से वर्क ऑर्डर मिल रहे हैं। एक सप्ताह पहले ही भेल हैदराबाद ने एचईसी को करीब 20 करोड़ रुपए के स्पेयर पार्ट्स का वर्क ऑर्डर दिया है। प्रबंधन सूत्रों ने बताया कि यहां उत्पादन सही ढंग से चल रहा है। जुलाई में यहां से करीब 10 करोड़ रुपए का उत्पाद स्टील व बीएसपी सेक्टर को डिस्पैच किया जाएगा। समय पर डिलीवरी न होने से दो साल पहले लगाया था प्रतिबंध एचईसी ने पहले भी एनसीएल को क्रशर उपलब्ध कराया था। लेकिन वर्ष 2023 में एचईसी की आर्थिक स्थिति काफी खराब हो गई थी। इससे एनसीएल को समय पर क्रशर उपलब्ध नहीं करा पाया। इसके बाद एनसीएल ने एचईसी पर प्रतिबंध लगा दिया। इससे एनसीएल की ओर से निकाले जाने वाले टेंडर में एचईसी भाग नहीं ले पा रहा था। हाल ही में एचईसी के डायरेक्टर्स ने एनसीएल के अधिक​ारियों के साथ बैठक की थी। इसमें बात बन गई। इसके बाद प्रतिबंध हटा लिया गया। अब एनसीएल के टेंडर में एचईसी भाग ले सकेगा। वहां से एचईसी को ड्रैग लाइन, क्रशर और तीन क्यूबिक मीटर सॉवेल का वर्क ऑर्डर मिलने की उम्मीद है। गौरतलब है कि एचईसी के बनाए उपकरणों की गुणवत्ता बहुत अच्छी होती है। इसी कारण कंपनियां एचईसी को वर्क ऑर्डर देती है। तीनों प्लांट में चल रहा है उत्पादन, अभी 600 करोड़ का वर्क ऑर्डर हटिया प्रोजेक्ट वर्कर्स यूनियन के महामंत्री लीलाधर सिंह ने कहा कि 2023 में एचईसी की स्थिति खराब थी। उस समय कई वर्क ऑर्डर कैंसल हुए थे। लेकिन अब स्थिति में काफी सुधार है। तीनों प्लांट एफएफपी, एचएमबीपी और एचएमटीपी में उत्पादन सुचारू तरीके से चल रहा है। कुछ सप्लाईकर्मी आंदोलन पर हैं, लेकिन ज्यादातर काम पर आ रहे हैं। इनके पास अभी कोल माइंस और डिफेंस का 600 करोड़ रुपए से ज्यादा का वर्क ऑर्डर है।

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