किसी भी तरह की हेल्थ इमरजेंसी से निपटने के लिए सरकारी अफसरों और कर्मचारियों को सोमवार को विशेष ट्रेनिंग दी गई। आपातकालीन स्थिति में प्राथमिक उपचार और जीवन रक्षक उपायों पर कैसे काम किया जाए इसके लिए रेडक्रास के सभाकक्ष में विशेष प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। इसमें वहां मौजूद सभी को सीपीआर की तकनीक एवं फर्स्ट एड के जरूरी एवं प्रभावी बचाव के तरीकों को विस्तार से बताया गया। ताकि जरूरत पड़ने पर वे दूसरों की मदद कर सके।
रेडक्रॉस सोसाइटी और छत्तीसगढ़ कॉलेज ऑफ नर्सिंग के तकनीकी मदद से प्रोजेक्ट सुरक्षा के तहत जिलास्तरीय अफसरों और कर्मचारियों को यह प्रशिक्षण दिया गया। इस दौरान छत्तीसगढ़ कॉलेज ऑफ नर्सिंग की डॉ. भारवी वैष्णव और उनकी टीम ने अधिकारियों को सीपीआर (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन) का लाइव डेमोंस्ट्रेशन दिखाया गया। उन्हें बताया गया कि सीपीआर कब और कैसे देना चाहिए। सबसे पहले मरीज को सुरक्षित स्थान पर ले जाने के बाद उसकी जांच करनी चाहिए कि वह होश में है या नहीं। किसी भी तरह का जवाब नहीं मिलने पर तुरंत एंबुलेंस बुलानी चाहिए। प्राथमिक इलाज के दौरान ये करें


