गोल्डन टेंपल को RDX से उड़ाने की धमकियों में से एक ई-मेल सामने आयी है। एसजीपीसी व प्रधान एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी को भेजी गई ये ई-मेल उन पांच में से एक है, जो सीएम भगवंत मान, गोल्डन टेंपल, एसजीपीसी और सांसद गुरजीत सिंह औजला को भेजी गई। बीते दिनों शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की तरफ से ऐतराज जताए जाने के बाद अब सांसद औजला ने भी होम-मिनिस्टर अमित शाह को खत लिख दिया है। खास बात है कि इस ई-मेल में खालिस्तान के साथ एक उदयनिधि का भी जिक्र है। इस ई-मेल का विषय भी खालिस्तान–उदयानिधि गठजोड़ रखा गया है। ये ई-मेल 15 जुलाई की सुबह तड़क-सार 3.37 बजे भेजी गई है। जिसमें बीती दो ई-मेल, जो केरल के पूर्व-मुख्यमंत्री पिनारयी विजयन का फेक एड्रेस बना कर भेजी गई, का भी जिक्र है। इसमें लिखा गया है- कल का ईमेल “पिनारयी विजयन” से भेजा गया था ताकि 4 आरडीएक्स आईईडी का पता लगाया जा सके। हालांकि, बीडीडीएस (बम निरोधक दस्ता) अभी तक इन आईईडी की जगह नहीं खोज सका है। ये 4 आईईडी अगर ज्यादा गर्म या ऑक्सीकृत हो गईं तो अपने आप विस्फोट कर सकती हैं। कृपया पवित्र मंदिर परिसर की दोबारा जांच करें। मंदिर की पाइपों को एक्स-रे स्कैनर से जांचें। तमिलनाडु सरकार का भी जिक्र ये ई-मेल यहीं समाप्त नहीं होता। इसके नीचे बात सीधा ही तमिलनाडु सरकार की शुरू की गई है। इस ई-मेल में एक ऐसे मसले को उठाया गया है, जो 2021 की तमिलनाडु सरकार के समय का है। लेकिन इसके आशंका जाहिर की गई है कि डीएमके नेतृत्व को इस रैकेट की जानकारी हो भी सकती है और नहीं भी। हालांकि दैनिक भास्कर इस ई-मेल की पुष्टि नहीं करता है। सांसद औजला ने गृहमंत्री अमित शाह को लिखा खत अमृतसर से सांसद गुरजीत सिंह औजला ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को ईमेल लिखकर अमृतसर स्थित गोल्डन टेंपल पर लगातार मिल रही धमकियों को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने बताया कि यह पांचवीं बार है जब मंदिर को उड़ाने की पुख्ता धमकी मिली है, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा है। उन्होंने मांग की कि स्वर्ण मंदिर की सुरक्षा को प्राथमिकता के आधार पर स्थायी और मजबूत किया जाए। इसके लिए हाई-टेक निगरानी व्यवस्था, स्थायी सुरक्षा समन्वय केंद्र, त्वरित जांच और गिरफ्तारी, ‘राष्ट्रीय स्तर पर संरक्षित धार्मिक स्थल’ का दर्जा, और क्विक रिएक्शन टीम व बम निरोधक दस्तों की तैनाती जैसे कदम उठाए जाएं। औजला ने कहा कि अमृतसर अंतरराष्ट्रीय सीमा, हवाई अड्डा और विदेशी श्रद्धालुओं के कारण संवेदनशील क्षेत्र है, इसलिए तत्काल कार्रवाई जरूरी है। धमकी पर SGPC की 5 बातें…


