चतरा जिले के टंडवा वन क्षेत्र के खैरका गांव में ग्रामीणों की जागरूकता और वन विभाग की मुस्तैदी से एक हिरण के बच्चे की जान बच गई। जंगल से भटककर गांव में आए हिरण के इस मासूम बच्चे को कुत्तों के झुंड ने घेर लिया था। लेकिन समय रहते ग्रामीणों के एक्टिव रहने की वजह से उसकी जान बच गई। जानकारी के अनुसार, सीमावर्ती जंगल से भटककर एक नन्हा हिरण खैरका गांव में आ गया। गांव में प्रवेश करते ही उसे कुत्तों के झुंड ने घेर लिया और हमला कर दिया। मासूम जानवर अपनी जान बचाने की कोशिश कर ही रहा था कि ग्रामीणों की नजर उस पर पड़ी। ग्रामीणों की तत्परता ने बचाई जान गांव वालों ने बिना समय गंवाए तुरंत हस्तक्षेप किया और कुत्तों से हिरण के बच्चे को बचाकर उसे सुरक्षित किया। इसके बाद उन्होंने फौरन वन विभाग को इसकी सूचना दी। ग्रामीणों की इस संवेदनशीलता ने एक नन्हे वन्यजीव की जान बचाने में अहम भूमिका निभाई। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। टीम में वनपाल सुनील उरांव, वनरक्षी महेश कुमार, मनोज कुमार और इंद्रदेव आर्य शामिल थे। वनकर्मियों ने हिरण के बच्चे की प्राथमिक जांच की ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि उसे कोई गंभीर चोट तो नहीं आई है। सौभाग्य से उसे केवल मामूली खरोंचें आई थीं और वह पूरी तरह स्वस्थ पाया गया। जंगल में सुरक्षित छोड़ा गया हिरण का बच्चा स्वास्थ्य जांच के बाद वन विभाग की टीम ने हिरण के बच्चे को जंगल में सुरक्षित छोड़ दिया। टीम ने ग्रामीणों की भूमिका की सराहना की और वन्यजीवों के संरक्षण में ऐसे सहयोग को जरूरी बताया। इसे लेकर वनरक्षी टंडवा वनक्षेत्र महेश कुमार ने कहा कि स्थानीय ग्रामीणों की जागरूकता और सहयोग सराहनीय है। ऐसी भागीदारी से ही वन्यजीवों का संरक्षण संभव है।


