भोलेनाथ से मांगी बेटी, मन्नत पूरी होने पर पहुंचा देवघर:हाथ-पैर से चलते हुए आया बाबा बैद्यनाथ धाम, कमर से खींची लकड़ी की गाड़ी

देवघर में बाबा बैद्यनाथ के दरबार में श्रद्धालुओं की अनूठी भक्ति देखने को मिल रही है। मुजफ्फरपुर के मिथिलेश कुमार ने बाबा से घर में एक बेटी के जन्म की मनोकामना मांगी थी। मन्नत पूरी हुई तो एक लकड़ी की गाड़ी बनवाई और बच्ची की फोटो लेकर मंदिर पहुंचा। गाड़ी को कमर से रस्सी से बांधा और सुल्तानगंज से हाथ-पैर के सहारे बच्चों की तरह चलता हुआ वो बाबा बैद्यनाथ धाम आया। मनोकामना मांगी और मन्नत पूरी हो गई मिथिलेश कुमार ने बताया उसके चार भाई है। सभी की शादी हो चुकी है, पर चारों भाइयों को केवल पुत्र रत्न की प्राप्ति हुई थी। घर में एक भी बेटी नहीं थी। मिथिलेश ने बाबा बैद्यनाथ से अपने घर में एक बेटी की मनोकामना मांगी और मन्नत पूरी हो गई। उनके छोटे भाई की पत्नी ने पुत्री को जन्म दिया। लकड़ी की छोटी सी गाड़ी बनवाई मिथिलेश के अनुसार, वो उसे प्यार से सोनी नाम से बुलाते हैं। भतीजी 6 माह की है तो छोटे भाई ने लाने नहीं दिया और अगले साल देवघर जाने की बात कही। मिथिलेश ने इसी वर्ष सावन में बाबा के जलाभिषेक की बात कही और बच्ची की एक फोटो और लकड़ी की छोटी सी गाड़ी बनवाई। 10 जुलाई को सुल्तानगंज से जल उठाया इस गाड़ी में अपने छोटे भतीजे और बेटे को बिठाया और कमर में रस्सी बांध खींचते हुए देवघर पहुंचे। मिथिलेश ने 10 जुलाई को सुल्तानगंज से जल उठाया और गुरुवार को बाबा का जलाभिषेक किया। इस यात्रा में उनके साथ उनकी पत्नी और भाभी भी शामिल थीं। मिथिलेश का कहना है कि बाबा बैद्यनाथ भक्तों की हर मनोकामना पूरी करते हैं। उन्होंने पुत्री के जन्म के लिए की गई प्रार्थना को स्वीकार किया और परिवार में बेटी की किलकारी गूंज उठी।

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