भास्कर न्यूज | महुआडांड़ संत जेवियर्स कॉलेज के सभागार में गुरुवार को उच्च शिक्षा में अंतरराष्ट्रीय सहयोग, वैश्विक युग में चुनौतियां और अवसर विषय पर अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन हुआ। इसमें ऑस्ट्रेलिया से आए विशेषज्ञ टिम ईकेन, शिव कुमार, बॉब सेलेटरी और सोसायटी ऑफ जेसुइट्स के प्रोविंशियल फादर डॉ. विंसेंट हंसदक मौजूद रहे। कार्यक्रम की शुरुआत कॉलेज के प्राचार्य डॉ. फादर एमके जोश और उप-प्राचार्य डॉ. फादर समीर टोप्पो ने की। मुख्य वक्ता शिव कुमार ने कहा कि आज के विद्यार्थी शिक्षा को केवल रोजगार से जोड़ते हैं। जबकि शिक्षा नवाचार की शक्ति देती है। यह प्रतिभा को निखारती है और अर्थपूर्ण जीवन के लिए प्रेरित करती है। विशेषज्ञ टिम ईकेन ने कहा कि आज के विद्यार्थी डिग्री तो ले रहे हैं, पर संस्कार और व्यवहार में कमी दिखती है। शिक्षा का उद्देश्य केवल नौकरी नहीं, बल्कि सोच और व्यवहार में सकारात्मक बदलाव लाना है। फादर डॉ. विंसेंट हंसदक ने कहा कि आज का सबसे बड़ा दुश्मन मोबाइल फोन है। यह विद्यार्थियों को लक्ष्य से भटका रहा है। इसका सीमित और सकारात्मक उपयोग जरूरी है। इंटरनेट और तकनीक के सही इस्तेमाल से बेरोजगारी और लाचारी की समस्याएं दूर की जा सकती हैं। संगोष्ठी में असिस्टेंट प्रोफेसर अंशु अंकिता बारा ने प्रभावशाली रिसर्च प्रेजेंटेशन दिया। असिस्टेंट प्रोफेसर रोजी सुष्मिता तिर्की ने कॉलेज के प्रति अपने अनुभव साझा किए। कार्यक्रम के अंत में मुख्य वक्ताओं को सर्टिफिकेट ऑफ एक्सीलेंस और सभी प्राध्यापकों को सर्टिफिकेट ऑफ पार्टिसिपेशन दिए गए। असिस्टेंट प्रोफेसर व विभागाध्यक्ष सिस्टर चंद्रोदय ने आयोजन समिति की संयोजक और भूगोल विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर व विभागाध्यक्ष शेफाली प्रकाश सहित सभी का आभार जताया। इससे पहले अतिथियों का पारंपरिक रीति से स्वागत किया गया। उन्हें गुलदस्ता और शॉल भेंट किए गए। विद्यार्थियों ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने समारोह को और भी आकर्षक बना दिया।


