गुरमीत लूथरा सीकेडी के पूर्व सदस्य अवतार सिंह ने सीकेडी द्वारा श्री अकाल तख्त के जत्थेदार कुलदीप सिंह गड़गज्ज के आदेशों की उल्लंघना की शिकायत की है। 14 जुलाई को अकाल तख्त साहिब सचिवालय में सौंपे गए पत्र में अवतार सिंह ने लिखा है कि जत्थेदार गड़गज्ज ने सीकेडी की 12 जुलाई की बैठक करने की आज्ञा प्रदान करते आदेश दिया था कि बैठक में 20 जुलाई को श्री गुरु हरकृष्ण साहिब के सीकेडी द्वारा आयोजित किए जा रहे कीर्तन दरबार के खर्च की ही मंजूरी जनरल हाउस से हासिल की जाएगी, इसके अलावा कोई एजेंडे पर विचार नहीं किया जाएगा। इसके बावजूद 63 सदस्यों की सदस्यता बहाली के साथ विभिन्न एजेंडों के तहत अन्य फैसले लिए गए हैं। उन्होंने कहा कि सीकेडी के जनरल हाउस ने कीर्तन दरबार संबंधी खर्च के अलावा कई फैसले लेने से जत्थेदार गड़गज्ज के 9 जुलाई के उस आदेश का उल्लंघन किया गया है जिसके तहत किसी अन्य एजेंडे पर विचार नहीं करने की हिदायत सीकेडी को दी गई थी। अवतार सिंह ने बताया कि जत्थेदार ने आदेश में यह भी कहा था कि जब तक सीकेडी संंबंधी अकाल तख्त को पहंुची शिकायत का मामला अकाल तख्त साहिब पर विचाराधीन है तब तक किसी भी एजेंडे पर विचार नहीं किया जाएगा। जबकि सीकेडी ने न सिर्फ सदस्यों की बहाली की बल्कि इसी बैठक में टेबल एजेंडा के तहत तख्त श्री पटना साहिब प्रबंधकीय कमेटी में सीकेडी की तरफ से एसजीपीसी के मुम्बई से सदस्य जीएस बावा का बतौर प्रबंधक कमेटी सदस्य नाम मनोनीत कर दिया गया। यही नहीं, सीकेडी के उपप्रधान संतोख सिंह सेठी को वरिष्ठ उपप्रधान मनोनीत किए जाने की घोषणा भी की गई। अवतार सिंह ने कहा कि जत्थेदार को सीकेडी को 12 जुलाई की बैठक करने की इजाजत देनी ही नहीं चाहिए थी। गौर हो कि जत्थेदार ने 9 जुलाई को ही जारी अन्य आदेश में सीकेडी के प्रधान डॉ. इंद्रबीर सिंह निज्जर व कार्यकारिणी सदस्यों को 22 जुलाई को सुबह 11 बजे श्री अकाल तख्त साहिब पर पेश होकर अपना पक्ष सुनाने की हिदायत भी दी हुई है।


