वृद्ध रामनारायण सिंह की लंबी कानूनी लड़ाई रंग लाई, 19 वर्षों बाद घर पर मिला दखल-कब्जा

राम नारायण सिंह की 19 वर्षों की मेहनत रंग लाई है। उन्हें राजधानी रांची के बीचोंबीच रेडियम रोड, साहू नर्सिंग होम के पीछे अपने दो तल्ला मकान पर दखल-कब्जा मिल गया है। किराएदार के रूप में रहने आए लोगों ने उनके घर पर कब्जा कर लिया था। अपने किराएदार के खिलाफ राम नारायण सिंह ने वर्ष 2006 में सिविल कोर्ट रांची में मुकदमा दर्ज कराया था। गुरुवार को अतिरिक्त सिविल जज कंचन कुमारी की अदालत से पारित आदेश के आधार पर सिविल कोर्ट रांची के नाजिर जीशान इकबाल और मजिस्ट्रेट जफर हसनात के नेतृत्व में उन्हें मकान पर दखल कब्जा दिलाया गया। उनके मकान पर आनंद कोठारी और उनके पिता ने अवैध रूप से दखल कब्जा कर लिया था। यह लोग वर्ष 1974 में उस मकान में किराएदार के रूप में रहने आए थे। आनंद कोठारी वर्ष 2005 तक किराया राशि का भुगतान करते रहे। उसके बाद से किराया देना बंद कर दिया। उसे जब घर खाली करने को कहा गया तो उसने ऐसा करने से इनकार कर दिया। इसके बाद रामनारायण सिंह ने आनंद कोठारी के खिलाफ घर खाली करने के लिए सिविल कोर्ट रांची की अदालत में दीवानी मुकदमा दर्ज कराया। उक्त मुकदमे में 26 जून 2015 को फैसला आया। जिसके तहत आनंद कोठारी को घर खाली करने के लिए कोर्ट ने निर्देश दिया। इसके बावजूद आनंद कोठारी ने किराए वाले घर को खाली नहीं किया। तब राम नारायण सिंह ने अदालत में एग्जीक्यूशन मुकदमा दर्ज कराया। जिसकी सुनवाई करते हुए कोर्ट ने नाजीर और दंडाधिकारी के मदद से उक्त घर को खाली कराया गया। घर वापस पाकर फूट-फूट कर रोए राम नारायण सिंह अपने घर को पाकर राम नारायण सिंह फूट-फूट कर रोए। हालांकि उनकी आंखों के ये आंसू खुशी के थे। राम नारायण सिंह आज काफी वृद्ध हो चुके हैं। ठीक से बोल भी नहीं पाते हैं। व्हीलचेयर पर ही बैठे रहते हैं। उन्होंने जब यह मुकदमा दर्ज कराया था, उस समय वह बिल्कुल स्वस्थ थे।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *