भास्कर न्यूूज | नारायणपुर नियमितीकरण ,जॉब सुरक्षा, ग्रेड पे, अनुकंपा नियुक्ति, मेडिकल बीमा, 27 प्रतिशत वेतन वृद्धि जैसी महत्वपूर्ण सुविधाओं की मांग कर रहे छत्तीसगढ़ प्रदेश के राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन में कार्यरत 16 हज़ार कर्मचारियों का विरोध प्रदर्शन सातवें दिन भी जारी रहा। विरोध प्रदर्शन की इस कड़ी में बुधवार को सभी 33 जिला मुख्यालय में ताली और थाली रैली के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम अपनी 10 सूत्री मांगों का ज्ञापन कलेक्टर को कर्मचारियों ने प्रदर्शन करते हुए सौंपा, और कहा है कि यदि उनकी मांगें जल्द ही पूरी नहीं की जाती हैं तो प्रदेश में एनएचएम के 16 हज़ार संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी किसी बड़े अनिश्चितकालीन आंदोलन पर जाने को विवश हो सकते हैं। इसके कारण प्रदेश में स्वास्थ्य व्यवस्था में जो असुविधा होगी उसके लिए शासन-प्रशासन स्वयं जिम्मेदार होगा। नारायणपुर जिला अध्यक्ष प्रदीप देवांगन ने बताया कि जिले में 245 के करीब एनएचएम कर्मचारी कार्यरत हैं यह कर्मचारी पिछले 20 वर्षों से अपनी सेवा शर्तों में सुधार, नियमितीकरण, अपनी नौकरी की सुरक्षा, समान काम समान वेतन जैसी चाह लिए लगातार पिछली कई सरकारों के कार्यकाल में धरना प्रदर्शन आंदोलन अनुनय निवेदन ज्ञापन देते रहे हैं इस सरकार के कार्यकाल में भी मोदी की गारंटी के नाम से हमारी समस्याओं के समाधान का वादा किया गया है, परंतु आज पर्यंत इस संबंध में किसी प्रकार की कोई कार्रवाई नहीं की गई जबकि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन ने लगभग 100 से अधिक बार ज्ञापन मंत्रियों, विधायकों, सांसदों को दिया है। इसके अलावा कई उच्च अधिकारियों से भी भेंट की गई है, परंतु परिणाम शून्य ही रहा जिसके कारण 10 से लेकर 17 जुलाई तक यह प्रदर्शन चरणबद्ध रूप से जारी है। अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी कर रैली निकालते एनएचएम कर्मचारी।


