भास्कर न्यूज | नारायणपुर विश्व कौशल दिवस प्रत्येक वर्ष 15 जुलाई को मनाया जाता है। इसका उद्देश्य युवाओं में कौशल विकास के प्रति जागरूकता बढ़ाना एवं उन्हें रोजगारोन्मुखी शिक्षा और तकनीकी दक्षता की ओर प्रेरित करना है। यह दिवस संयुक्त राष्ट्र द्वारा वर्ष 2014 में घोषित किया गया था और 2015 से प्रति वर्ष अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मनाया जा रहा है। इस वर्ष की विषयवस्तु थी युवा सशक्तिकरण कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं डिजिटल कौशल के माध्यम से, जो युवाओं को आधुनिक तकनीकों से सुसज्जित करने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इसी क्रम में बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय नारायणपुर में भी मंगलवार को विविध रचनात्मक एवं तकनीकी गतिविधियों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य मनोज बागड़े ने की। उन्होंने अपने प्रेरणादायक उद्बोधन में कहा कि वर्तमान युग में केवल किताबी ज्ञान पर्याप्त नहीं है, बल्कि व्यावसायिक एवं तकनीकी कौशल भी उतने ही आवश्यक हैं। मंच संचालन का कार्य व्यावसायिक शिक्षिका भावना नाग ने अत्यंत प्रभावशाली ढंग से संपन्न किया। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने विज्ञान एवं तकनीक आधारित नमूनों का प्रदर्शन किया। विशेष रूप से कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) पर आधारित प्रस्तुतियां दर्शकों के आकर्षण का केंद्र रहीं। विद्यार्थियों ने एआई की कार्यप्रणाली, उपयोग के क्षेत्र और भविष्य में इसकी भूमिका के बारे में विस्तार से जानकारी दी। विद्यालय के सभी शिक्षकगण भी उपस्थित रहे और उन्होंने विद्यार्थियों को निरंतर कौशल विकास के लिए प्रोत्साहित किया। कार्यक्रम के अंत में एसएससी प्रमाण पत्र का वितरण किया गया, जिससे प्रतिभागी छात्र-छात्राओं में आत्मविश्वास की वृद्धि हुई। यह आयोजन छात्रों के ज्ञान, प्रस्तुति कौशल एवं नवाचार की दिशा में एक सार्थक और प्रेरणादायक प्रयास रहा।


