भास्कर न्यूज | डौंडी नगर पंचायत क्षेत्र के अधूरे गौठान से 13 जुलाई की रात करीब 350 मवेशी रहस्यमय तरीके से गायब हो गए। यह गौठान मंगलू गार्डन के आगे स्थित है। मुख्य गेट बाहर से ताला में बंद था। इसके बावजूद मवेशियों का एक साथ लापता होना कई सवाल खड़े करता है। घटना के बाद नगर में हड़कंप मच गया है। पार्षदों और संगठनों ने इसे साजिश बताया। नगर पंचायत पर लापरवाही और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। यह पहली बार नहीं है जब डौंडी में मवेशी गायब हुए हों। साल 2023 में भी सामुदायिक भवन से 300 गायें लापता हुई थीं। तब कर्मचारियों कैलाश पिस्दा और जीतू यादव ने माना था कि उन्होंने मवेशियों को आमाडुला के जंगलों में छोड़ दिया था। फिर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। पार्षदों का कहना है कि गौवंश संरक्षण के नाम पर लाखों रुपये का बजट पास होता है। फिर भी चारा-पानी और सुरक्षा की व्यवस्था नहीं है। ऐसे में मवेशियों की जिम्मेदारी सीधे नगर पंचायत की बनती है। विश्व हिंदू परिषद के जिला उपाध्यक्ष अजय अग्रवाल ने इसे हिंदू भावनाओं से खिलवाड़ बताया। कहा, गौमाता की सुरक्षा में लापरवाही निंदनीय है। दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन होगा। मौर्य मंडल ने भी घटना पर आक्रोश जताया। प्रशासनिक विफलता बताते हुए एफआईआर और सख्त कार्रवाई की मांग की। चेतावनी दी कि ठोस कदम नहीं उठे तो उग्र आंदोलन होगा। गुरुवार को डौंडी पुलिस थाना में सीएसपी डॉ चित्रा वर्मा और थाना प्रभारी उमा ठाकुर ने किसान संघ के पदाधिकारी गेंदलाल मानकर और सुखदेव यादव तथा निकाय के सफाई कर्मचारी कैलाश और जीतू को थाने में बुलाकर पूछताछ किया। क्या बयान दिया गया इसका खुलासा पुलिस ने नहीं किया हैं।


